BIG NEWS
- पंजाब की मतदाता सूची से राघव चड्ढा का नाम कटा, राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
- मोदी के 25 वर्षों के सफर का जश्न: भाजपा चलाएगी 'सेवा संकल्प' और 'आशीर्वाद का दिया' महाअभियान
- उत्तराखंड के ग्लेशियरों पर मंडराया बड़ा खतरा, तेजी से पिघल रही बर्फ और नई झील बढ़ा रही हैं बाढ़ की आशंका
- सुप्रीम कोर्ट की दो टूक: BCI अध्यक्ष का कार्यकाल सिर्फ अस्थायी, नीतिगत फैसलों में AG-SG की भागीदारी जरूरी
- रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक सीईओ
- बॉम्बे हाईकोर्ट का दिशा सालियान मामले में सीबीआई जांच का आदेश
- झारखंड SIR विवाद: मतदाता सूची से नाम काटने के आवेदन पर सियासी घमासान तेज
- एयर मार्शल शक्ति शर्मा ने रचा इतिहास: बनीं वायुसेना की पहली महिला एयर वाइस मार्शल
- NEET विवाद समाधान: सुप्रीम कोर्ट ने CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ देश भर के मामले किए खारिज
- शादी के 5 महीने बाद अलग हुए रैपर बादशाह और ईशा रिखी, इंस्टाग्राम पर किया तलाक का ऐलान
झारखंड SIR विवाद: मतदाता सूची से नाम काटने के आवेदन पर सियासी घमासान तेज
Public Lokpal
September 02, 2026
झारखंड SIR विवाद: मतदाता सूची से नाम काटने के आवेदन पर सियासी घमासान तेज
झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने के मामलों को लेकर राज्य में सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है।
गोड्डा और साहिबगंज जैसे जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा थोक में फॉर्म 7 जमा कर बड़े पैमाने पर अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिशों ने विवाद को जन्म दे दिया है।
जमीनी स्तर पर स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ने कई अवैध या बिना सत्यापन वाले आवेदनों को खारिज कर दिया।
सत्ताधारी जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन ने इसे एकतरफा और सुनियोजित तरीके से मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की साजिश करार दिया है।
वहीं, भाजपा ने अपनी शिकायतों में कई बूथों पर मतदाता डेटा में गंभीर विसंगतियों का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। हालांकि निर्वाचन नियमों के अनुसार, किसी भी मतदाता का नाम तभी हटाया जा सकता है जब बीएलओ द्वारा स्थल निरीक्षण और पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाए।






