BIG NEWS
- FSSAI की चेतावनी: नपेंगे भ्रामक खाद्य विज्ञापनों पर इन्फ्लुएंसर और सेलिब्रिटी
- एयरटेल ने बंद किया 299 रुपये वाला प्लान: क्या आने वाले हैं बड़े टैरिफ हाइक?
- संसद की उत्पादकता पर राजनीति और गहरायी: सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज
- महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुद्वारे के पास अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल पर हमला, हाथ में लगी चोट; एक आरोपी गिरफ्तार
- हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद हुए 'शुद्धिकरण' विवाद पर संसद में हंगामा
- मैसाचुसेट्स: भारतीय मूल के किशोर पर माँ और भाई की हत्या का आरोप, चैटजीपीटी सर्च का खुलासा
- भारत को 114 और राफेल विमानों की दरकार क्यों है और क्या है इस फाइट जेट की खासियत?
- संसदीय समिति की सिफारिश: 20 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी लोगों के लिए अनिवार्य किडनी टेस्ट
- संसद समिति ने 73% छात्र ड्रॉपआउट, पाठ्यपुस्तक की कमी और विशेष शिक्षकों की कमी पर जताई चिंता
- लोकसभा पैनल: पूर्व जज यशवन्त वर्मा के खिलाफ नकद आरोप साबित
FSSAI की चेतावनी: नपेंगे भ्रामक खाद्य विज्ञापनों पर इन्फ्लुएंसर और सेलिब्रिटी
Public Lokpal
August 13, 2026
FSSAI की चेतावनी: नपेंगे भ्रामक खाद्य विज्ञापनों पर इन्फ्लुएंसर और सेलिब्रिटी
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, डिजिटल क्रिएटर्स और मशहूर हस्तियों के लिए एक कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत खाद्य और पेय पदार्थों के भ्रामक प्रचार पर लगाम कसने की तैयारी है।
प्राधिकरण का स्पष्ट कहना है कि "बड़ी ताकत के साथ बड़ी जिम्मेदारी आती है।"
सेलिब्रिटीज और क्रिएटर्स को किसी भी उत्पाद का समर्थन करने से पहले उसके स्वास्थ्य और पोषण संबंधी दावों (जैसे- "इम्यूनिटी बढ़ाना" या "पोषण से भरपूर") की सत्यता की स्वतंत्र रूप से जांच करनी होगी।
इन दावों को बिना वैज्ञानिक प्रमाण के बढ़ावा देने से उपभोक्ताओं में भ्रम फैलता है।
FSSAI अधिनियम, 2006 के तहत ऐसे भ्रामक विज्ञापनों और झूठे दावों का समर्थन करने वालों पर भारी जुर्माना और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नियामक ने नागरिकों से अपील की है कि वे 'फूड सेफ्टी कनेक्ट' ऐप के जरिए ऐसे भ्रामक विज्ञापनों की शिकायत करें।





