संसद की उत्पादकता पर राजनीति और गहरायी: सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज

Public Lokpal
August 13, 2026
संसद की उत्पादकता पर राजनीति और गहरायी: सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में संसद सत्र के दौरान बेहद कम उत्पादकता के आंकड़े जारी किए, जिसमें लोकसभा की उत्पादकता गिरकर 19% और राज्यसभा की उत्पादकता 39% दर्ज की गई। सरकार ने कार्यवाही में लगातार व्यवधान और हंगामे के लिए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है।
सरकार ने इस भारी गतिरोध के लिए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए उस पर जानबूझकर चर्चा से भागने और सदन की कार्यवाही बाधित करने का गंभीर आरोप लगाया है।
वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया है कि सरकार संसद में विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा से बचती है।
विपक्ष का कहना है कि उनकी जायज मांगों और जेपीसी या अन्य गंभीर विषयों पर चर्चा की मांग को नजरअंदाज किए जाने के कारण सदन में गतिरोध पैदा हुआ।
भारी हंगामे और गतिरोध के बावजूद दोनों सदनों में कुल 12 विधेयकों को पारित किया गया।
20 जुलाई को शुरू हुए इस सेशन में बार-बार रुकावटें आईं। शुरुआत में विपक्ष का विरोध NEET पेपर लीक और अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित गड़बड़ी पर केंद्रित था।
बाद में विपक्ष ने NEET मुद्दे पर विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर चर्चा की मांग की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह से बयान देने को कहा।
गतिरोध खत्म करने के लिए, सरकार ने सोमवार को NEET मुद्दे पर बहस और उसके बाद शाह के जवाब का प्रस्ताव रखा। कांग्रेस ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। बुधवार को भी ऐसी ही कोशिश नाकाम रही।

