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यूपी में बंधुआ मज़दूरी का खौफनाक मामला: 12 मज़दूरों को छुड़ाने के बाद एक मज़दूर की टॉर्चर से मौत का खुलासा

Public Lokpal
June 25, 2026

यूपी में बंधुआ मज़दूरी का खौफनाक मामला: 12 मज़दूरों को छुड़ाने के बाद एक मज़दूर की टॉर्चर से मौत का खुलासा


नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में बंधुआ मज़दूरी, टॉर्चर और गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त छापेमारी में मंडी गाँव की एक पेपर प्लेट बनाने वाली फैक्ट्री से 12 मज़दूरों को छुड़ाया गया, जिनमें नाबालिग भी शामिल थे।

जांच में लंबे समय से शोषण, शारीरिक उत्पीड़न और एक मज़दूर की मौत के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि फैक्ट्री में बंधक बनाए गए इस मज़दूर को टॉर्चर किया गया था, जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक, मज़दूरों को अलग-अलग राज्यों से 12,000 रुपये महीने की सैलरी का वादा करके लाया गया था। इसके बजाय, उन्हें एक साल से ज़्यादा समय तक फैक्ट्री परिसर के अंदर बंधक बनाकर रखा गया, उन्हें मज़दूरी नहीं दी गई और बाहर जाने से रोका गया।

छुड़ाए गए कई मज़दूरों के शरीर पर चोट और टॉर्चर के निशान थे। पूछताछ के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि भागने की कोशिश करने पर उन्हें पीटा गया, कोड़े मारे गए, धारदार हथियारों से हमला किया गया और कुत्तों से कटवाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जानवरों का चारा खाने पर मजबूर किया गया और अमानवीय हालात में रखा गया।

22 जून को हुए रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जांच में उत्पीड़न की भयावहता सामने आई। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि फैक्ट्री में टॉर्चर का शिकार हुए मज़दूरों में से एक, अर्जुन की नवंबर 2025 में मौत हो गई थी। बाद में उसके शव को एक बैग में भरकर ठिकाने लगा दिया गया था।

पुलिस ने फैक्ट्री मालिक अंकित बालियान और शिवा त्यागी के खिलाफ नया मामला दर्ज किया है। त्यागी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बालियान अभी भी फरार है। एक अन्य आरोपी प्रदीप बालियान की भी तलाश की जा रही है।

मामले की जांच और सबूत इकट्ठा करने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है।

छुड़ाए गए मज़दूरों का मेडिकल टेस्ट कराया गया है और मजिस्ट्रेट के सामने उनके बयान दर्ज किए गए हैं। अधिकारी अब उनके पुनर्वास पर काम कर रहे हैं, जिसमें सरकारी योजनाओं के तहत मदद, बैंक खाते खुलवाना और उन्हें उनके परिवारों से मिलाना शामिल है।

अधिकारियों ने बताया कि चार मज़दूरों के परिवारों से संपर्क हो गया है, जबकि बाकी बचे मज़दूरों के रिश्तेदारों का पता लगाने की कोशिशें जारी हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस उत्पीड़न को "मानवीय गरिमा पर हमला" बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, बंधुआ मज़दूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम और बाल श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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