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जनगणना: जाति गणना के विकल्पों पर मंथन जारी
Public Lokpal
July 22, 2026
जनगणना: जाति गणना के विकल्पों पर मंथन जारी
आगामी जनगणना चरण में जाति गणना (Caste Enumeration) को लेकर भारतीय महारजिस्ट्रार (RGI) प्रक्रिया और विकल्पों पर विचार कर रहा है।
इसके लिए दो प्रमुख विकल्पों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है:
ओपन-एंडेड स्वरूप (Self-Declaration): इसमें नागरिक अपनी जाति स्वयं बताएंगे। हालांकि, 2011 के SECC में इस तरीके से 46 लाख से अधिक जातियों और उप-जातियों के नाम दर्ज हो गए थे, जिससे आंकड़ों का वर्गीकरण बेहद जटिल हो गया था।
ड्रॉप-डाउन सूची (Pre-Coded Lists): केंद्रीय और राज्य की SC, ST व OBC सूचियों को मिलाकर ऐप में पहले से तय विकल्प देना। लेकिन RSS जैसे संगठनों की आपत्ति है कि ब्रिटिश काल की इस जातिगत व्यवस्था को डिजिटल रूप से स्थायी बनाने से सामाजिक एकजुटता प्रभावित हो सकती है।
संभावित समाधान: विशेषज्ञ एक हाइब्रिड मॉडल का सुझाव दे रहे हैं, जिसमें 95% से अधिक प्रमुख जातियों के लिए ड्रॉप-डाउन विकल्प हो और अज्ञात या दुर्लभ नामों के लिए अलग से लिखने की सुविधा दी जाए।





