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'महापंचायत' के लिए शंभू बॉर्डर पर जुटे किसान—प्रमुख माँगों का विवरण
Public Lokpal
July 21, 2026
'महापंचायत' के लिए शंभू बॉर्डर पर जुटे किसान—प्रमुख माँगों का विवरण
पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर उस समय तनाव बढ़ गया जब हजारों किसान दिल्ली के किसान घाट पर होने वाली 'महापंचायत' में शामिल होने के लिए रवाना हुए। लगभग 550 किसान यूनियनों और सामाजिक संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर आयोजित इस मार्च को रोकने के लिए भारी पुलिस नाकेबंदी, ट्रैफिक रूट बदलाव और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
किसानों की प्रमुख माँगें:
प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध: किसानों का तर्क है कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के तहत सस्ता, रियायती विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आने से देश के छोटे किसानों की आजीविका तबाह हो जाएगी।
MSP की कानूनी गारंटी: स्वामीनाथन आयोग के C2+50% फॉर्मूले के आधार पर सभी 23 प्रमुख फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की वैधानिक कानूनी गारंटी।
कर्ज माफी और पेंशन: किसानों और खेत मजदूरों का संपूर्ण कृषि ऋण माफ किया जाए और 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग किसानों के लिए मासिक पेंशन योजना शुरू की जाए।
WTO से बाहर निकलने की माँग: घरेलू कृषि सब्सिडी और मूल्य सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय व्यापार विवादों से बचाने के लिए कृषि क्षेत्र को विश्व व्यापार संगठन (WTO) के दायरे से बाहर निकाला जाए।
न्याय और पुराने केस वापस लेना: लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय की माँग और पिछले किसान आंदोलनों के दौरान किसानों पर दर्ज सभी पुलिस मुकदमों को रद्द किया जाए।





