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सोनम वांगचुक और छात्रों पर कार्रवाई पर बोले प्रकाश अंबेडकर – 'जनता की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ'
Public Lokpal
July 21, 2026
सोनम वांगचुक और छात्रों पर कार्रवाई पर बोले प्रकाश अंबेडकर – 'जनता की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ'
नई दिल्ली — वंचित बहुजन आघाड़ी के अध्यक्ष और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है।
अंबेडकर ने चेतावनी दी कि अहिंसक विरोध को बलपूर्वक दबाना बढ़ती तानाशाही का स्पष्ट संकेत है। अपने दादाजी के 1949 के ऐतिहासिक संविधान सभा भाषण का हवाला देते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि एक सच्चे लोकतंत्र की पहचान असहमति से निपटने के तरीके से होती है, न कि सहमति से। उन्होंने जंतर-मंतर से जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन हटाए जाने और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की विशेष रूप से आलोचना की।
छात्रों और आदिवासियों के विरोध प्रदर्शनों को दबाने की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए अंबेडकर ने कहा कि मौजूदा प्रशासन के ये सख्त रवैये औपनिवेशिक दौर की याद दिलाते हैं। उन्होंने सरकार से संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करने और जनता की आवाज दबाने के बजाय उनकी शिकायतों को सुनने का आग्रह किया।





