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नेपाल बाढ़ अध्ययन: 2.2 वर्ग किमी पहाड़ के टूटने से आई थी भीषण तबाही
Public Lokpal
September 17, 2026
नेपाल बाढ़ अध्ययन: 2.2 वर्ग किमी पहाड़ के टूटने से आई थी भीषण तबाही
एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि नेपाल में आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक आने वाली बाढ़) का मुख्य कारण एक अभूतपूर्व पर्वत ढलान का टूटना था।
लैंगटांग लिरुंग चोटी का लगभग 2.2 वर्ग किलोमीटर का हिस्सा (लगभग 300 फुटबॉल मैदानों के बराबर) अचानक टूटकर नीचे आ गिरा।
चट्टान और बर्फ का यह विशाल मलबा 1,400 मीटर नीचे घाटी में जा गिरा, जिससे 5.2 तीव्रता का भूकंपीय झटका महसूस हुआ।
यह मलबा 170 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घाटी में फैला और देखते ही देखते भारी तबाही मचा दी। वैज्ञानिकों ने इसे जलवायु परिवर्तन और भूवैज्ञानिक कारणों का एक "संयुक्त संकट" बताया है।
बढ़ते तापमान के कारण पर्वतों की परफॉर्र्स्ट ( जमी हुई बर्फ और मिट्टी) पिघल रही है और ग्लेशियर पतले हो रहे हैं, जिससे ढलानें बेहद कमजोर हो गई हैं। इसके अलावा, 2015 के विनाशकारी भूकंप ने पहले ही इस क्षेत्र की चट्टानों को कमजोर कर दिया था।
इस भीषण आपदा में 1,300 से अधिक लोगों की जान चली गई, हजारों लोग लापता हो गए और कई जलविद्युत परियोजनाओं सहित बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा।





