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बीएमसी का बड़ा विवाद: डिसेल्टिंग मामले में अयोग्य कंपनी को मिला 14 करोड़ का कचरा बैरियर ठेका
Public Lokpal
September 17, 2026
बीएमसी का बड़ा विवाद: डिसेल्टिंग मामले में अयोग्य कंपनी को मिला 14 करोड़ का कचरा बैरियर ठेका
मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने एक बार फिर अपने एक फैसले से विवादों को जन्म दे दिया है। बीएमसी ने 14 करोड़ रुपये का कचरा बैरियर (Trash Barrier) प्रोजेक्ट उस कंपनी को सौंप दिया है, जिसे पहले एक डिसेल्टिंग (गाद हटाने) मामले में अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
यह अनुबंध मुंबई के नालों में तैरते कचरे को रोकने और प्री-मानसून सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दिया गया है। लेकिन जिस फर्म वर्गो स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड को यह ठेका मिला है, उसका पुराना इतिहास दागी रहा है।
नगर निकाय का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बॉम्बे हाईकोर्ट पहले से ही शहर की खराब साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन को लेकर बीएमसी को कड़ी फटकार लगा चुका है।
विशेषज्ञों और विपक्षी नेताओं का सवाल है कि जिस कंपनी को पहले अनियमितताओं के चलते बाहर किया गया था, उसे दोबारा काम कैसे सौंप दिया गया।
हालांकि, बीएमसी अधिकारियों का तर्क है कि इस कंपनी ने टेंडर की सभी तकनीकी और कानूनी शर्तों को नए सिरे से पूरा किया है, जिसके बाद ही इसे मंजूरी दी गई।
इस घटना ने एक बार फिर बीएमसी की पारदर्शिता और ठेका देने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





