BIG NEWS
- राहुल गांधी का युवाओं से महिला सुरक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन का आह्वान, बोले दबाव में ही सुनती है सरकार
- मुख्य चुनाव आयुक्त के 'एकतरफा' फैसलों के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते करेगा सुनवाई
- रेड बुल ने 'एनर्जी ड्रिंक' लेबल पर खाद्य सुरक्षा नियामक के प्रतिबंध को दी चुनौती
- टाटा संस को निजी बनाए रखने के लिए टाटा ट्रस्ट्स का पुनर्गठन का प्रस्ताव
- विथ्या रामराज ने तोड़ा पी.टी. उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड
- लुधियाना से यूएई तक: अंगद सिंह ढिल्लों बने कनाडा के नए राजदूत
- फंडिंग में भारी गिरावट: आप के चंदे में 68% कमी, बीजद ने घोषित किया शून्य चंदा
- TRAI के नए नियम: Jio, Airtel और Vi यूजर्स के लिए बिना डेटा वाले प्लान अनिवार्य
- विश्व समाचार दिवस: भ्रामक खबरों के दौर में तथ्य-परक पत्रकारिता और लोकतंत्र की रक्षा
- दिल्ली सरकार की सख्त सर्दियों की प्रदूषण विरोधी योजना: निर्माण प्रतिबंध और 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नियम लागू
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने डिजिटल सत्यापन में स्थापित किया नया मील का पत्थर
Public Lokpal
September 04, 2026
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने डिजिटल सत्यापन में स्थापित किया नया मील का पत्थर
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) भारतीय शिक्षा प्रणाली में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए यूआईडीएआई (UIDAI) के पेपरलेस और संपर्क रहित पहचान सत्यापन ढांचे को अपनाने वाला देश का पहला बोर्ड बन गया है।
इस अभिनव पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के दस्तावेजों के प्रबंधन को पूरी तरह से डिजिटल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
इस नई प्रणाली के लागू होने से स्कूलों और बोर्ड कार्यालयों में भौतिक दस्तावेजों, कागजी फोटोकॉपी और मैनुअल सत्यापन की लंबी प्रक्रिया से पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा।
इसके माध्यम से छात्रों का पंजीकरण, परीक्षा प्रबंधन और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया न केवल अत्यधिक तीव्र होगी, बल्कि इसमें प्रशासनिक लागत और मानवीय हस्तक्षेप में भी भारी कमी आएगी।
यह उन्नत तकनीक क्रिप्टोग्राफिक और सहमति-आधारित ऑफलाइन सत्यापन विधियों, जैसे सुरक्षित क्यूआर कोड और डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेजों का उपयोग करती है, जिससे छात्रों की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा सर्वोच्च स्तर पर बनी रहती है।
राष्ट्रीय डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (DPI) के दृष्टिकोण के अनुरूप, PSEB का यह कदम अब अन्य राज्यों और राष्ट्रीय शैक्षिक बोर्डों के लिए भी एक मजबूत और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करता है।










