BIG NEWS
- भारत को सड़क परिवहन के लिए ईवी के साथ मल्टी-फ्यूल रणनीति की जरूरत: अध्ययन
- फ्लाईदुबई कॉकपिट विवाद: भारतीय मूल के कैप्टन ने सूझबूझ से टाला बड़ा विमान हादसा
- अक्टूबर 2026 बैंक अवकाश: त्योहारी सीजन में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक, देखें पूरी लिस्ट
- इंडिया गठबंधन का राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च
- राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी बने सपा के राज्यसभा उम्मीदवार
- ट्रंप का नया दांव: एआई (AI) का नाम बदलकर हुआ 'सुपर इंटेलिजेंस'
- ईरानी दूतावास ने 'शोले' के ठाकुर के जरिए संयुक्त राष्ट्र का उड़ाया मजाक, वायरल हुआ मीम
- बिहार: नौकरशाह दंपति के ठिकानों पर छापेमारी, 80 लाख नकद और 48 घड़ियां बरामद
- एनसीआईआरटी ने कक्षा 9 की इतिहास की पुस्तक में किया संशोधन, मध्यकालीन प्रतिरोध को दी जगह
- राहुल गांधी का युवाओं से महिला सुरक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन का आह्वान, बोले दबाव में ही सुनती है सरकार
एनसीआईआरटी ने कक्षा 9 की इतिहास की पुस्तक में किया संशोधन, मध्यकालीन प्रतिरोध को दी जगह
Public Lokpal
September 30, 2026
एनसीआईआरटी ने कक्षा 9 की इतिहास की पुस्तक में किया संशोधन, मध्यकालीन प्रतिरोध को दी जगह
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक 'अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड (भाग 2)' को संशोधित किया है।
पाठ्यक्रम में "प्रतिरोध और लचीलापन (1000 ई.–1700 ई.)" नामक एक नया अध्याय जोड़ा गया है, जो मध्यकालीन भारतीय इतिहास को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है।
यह नया अध्याय केंद्रीय साम्राज्यों के बजाय बाहरी आक्रमणों के खिलाफ क्षेत्रीय रक्षा, स्थानीय शासकों और पारंपरिक युद्ध कौशल पर केंद्रित है।
इसमें रानी नाइकी देवी और छत्रपति शिवाजी जैसे क्षेत्रीय नायकों के साथ-साथ उनके संघर्षों को देवियों से प्राप्त तलवारों और धार्मिक परंपराओं से जोड़कर दिखाया गया है।
इसके अलावा, असम के अहोम प्रतिरोध और विभिन्न समुदायों के संघर्षों को भी शामिल किया गया है।
एनसीआईआरटी का उद्देश्य विद्यार्थियों को 11वीं से 17वीं शताब्दी के दौरान क्षेत्रीय संघर्षों और सांस्कृतिक दृढ़ता का एक व्यापक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण प्रदान करना है।










