सिरपुर पुरातात्विक स्थल: यूनेस्को विश्व धरोहर सूची की ओर एक कदम आगे

Public Lokpal
October 20, 2026
सिरपुर पुरातात्विक स्थल: यूनेस्को विश्व धरोहर सूची की ओर एक कदम आगे
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में महानदी के तट पर स्थित सिरपुर पुरातात्विक स्थल यूनेस्को की संभावित (टेंटेटिव) सूची में शामिल होकर विश्व धरोहर का दर्जा पाने के एक कदम और करीब पहुंच गया है।
5वीं से 12वीं शताब्दी ईस्वी के दौरान दक्षिण कोसल साम्राज्य की राजधानी रहा सिरपुर प्राचीन भारत की उत्कृष्ट वास्तुकला और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का गवाह है।
सिरपुर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी धार्मिक सहिष्णुता और सद्भाव है। एक ही नगरीय योजना के भीतर हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म की परंपराओं का एक साथ फलना-फूलना इसे भारत के अन्य पुरातात्विक स्थलों से अलग बनाता है। यहां उत्खनन में कई शिव और विष्णु मंदिर, बौद्ध विहार, मठ तथा जैन साधना केंद्र मिले हैं।
इनमें 7वीं शताब्दी का लक्ष्मण मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जो भारत के सबसे प्राचीन और बेहतरीन संरक्षित ईंट निर्मित मंदिरों में से एक है।
संभावित सूची में शामिल होने के बाद, अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और राज्य सरकार मिलकर यूनेस्को के लिए एक विस्तृत नामांकन डोजियर (Nomination Dossier) तैयार करेंगे। इसमें सिरपुर के सर्वोत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य (OUV) और संरक्षण योजना का विवरण होगा।
यदि इसे अंतिम विश्व धरोहर सूची में स्थान मिलता है, तो इससे न केवल छत्तीसगढ़ को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

