BIG NEWS
- 'ब्रेकिंग बैड' स्टार और दिव्यांग अधिकारों के पैरोकार आरजे मिटे का 34 वर्ष की आयु में निधन
- मोहनलाल ने अजय देवगन की 'दृश्यम द कंक्लूजन' को बताया बेहतरीन काम, फिल्म के क्लाइमेक्स की तारीफ की
- मद्रास हाईकोर्ट ने छह AIADMK विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने के स्पीकर के फैसले को बरकरार रखा
- सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने राहुल गांधी और I.N.D.A.A. गठबंधन की SIR याचिका में निकाली 10 कमियां
- राष्ट्रपति भवन का बड़ा फैसला: देश के 6 राज्यों को मिले नए राज्यपाल
- चुनाव आयोग के खिलाफ राहुल गांधी की याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने निकालीं 14 कमियां
- संसद मार्ग से बदला विरोध का ठिकाना: जंतर-मंतर की जगह दिल्ली के ये 3 मैदान बने नए आधिकारिक प्रदर्शन स्थल
- महंगाई का जोरदार झटका: सब्जियों के दाम भड़के, खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 5.54% हुई
- रामायण: पार्ट 1 की रिलीज डेट पक्की, 5 नवंबर को दुनियाभर में मचेगा धमाल
- दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश: आईएमडी ने जारी किया रेड अलर्ट, यातायात और उड़ान प्रभावित
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने राहुल गांधी और I.N.D.A.A. गठबंधन की SIR याचिका में निकाली 10 कमियां
Public Lokpal
October 13, 2026
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने राहुल गांधी और I.N.D.A.A. गठबंधन की SIR याचिका में निकाली 10 कमियां
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य I.N.D.A.A. गठबंधन के नेताओं द्वारा चुनावी घोटालों और विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ दायर याचिका में 10 से अधिक प्रक्रियात्मक कमियां पाई हैं।
रजिस्ट्री द्वारा उठाई गई प्रमुख आपत्तियों में लगभग 220 रुपये की कोर्ट फीस की कमी, कुछ पन्नों का गायब या धुंधला होना, छोटे फॉन्ट का इस्तेमाल और कई सह-याचियों के वकालतनामे का न होना शामिल है। इसके अलावा, रजिस्ट्री ने सह-याची एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की एक स्पष्ट और पढ़ने योग्य कॉपी जमा करने को कहा है।
यह याचिका विपक्षी नेताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने के बाद दायर की गई थी। इसमें चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे जाने और अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। याचिका में SIR प्रक्रिया को तुरंत निलंबित करने, एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की देखरेख में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने और ECINET/ERONET लॉग व चुनाव आयोग की फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
इन तकनीकी और प्रशासनिक आपत्तियों के कारण, वकीलों द्वारा कमियों को दूर करने के बाद ही इस मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।





