BIG NEWS
- संसद मार्ग से बदला विरोध का ठिकाना: जंतर-मंतर की जगह दिल्ली के ये 3 मैदान बने नए आधिकारिक प्रदर्शन स्थल
- महंगाई का जोरदार झटका: सब्जियों के दाम भड़के, खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 5.54% हुई
- मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ INDIA ब्लॉक का सुप्रीम कोर्ट मार्च, राहुल गांधी की अगुवाई में याचिका दायर
- रामायण: पार्ट 1 की रिलीज डेट पक्की, 5 नवंबर को दुनियाभर में मचेगा धमाल
- दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश: आईएमडी ने जारी किया रेड अलर्ट, यातायात और उड़ान प्रभावित
- मुख्य न्यायाधीश ने 'वोट चोरी' के आरोपों पर विपक्ष के मुलाकात के अनुरोध को ठुकराया, मामला अदालत में विचाराधीन
- सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश: जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के दौरान मेट्रो सेवाएं रहेंगी सामान्य, इंटरनेट पर नहीं होगी रोक
- विमान कंपनियों ने एनएमआईए उड़ानों के स्थानांतरण पर मांगा सुरक्षा ऑडिट
- संघर्ष का टकराव: पूर्व ICC जज पिल्लै को नोबेल पुरस्कार, उसके कुछ ही घंटों बाद अमेरिका द्वारा प्रतिबंध
- स्टारलिंक विवाद: एलन मस्क ने 'प्रधानमंत्री अंबानी' कहकर कसा तंज
महंगाई का जोरदार झटका: सब्जियों के दाम भड़के, खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 5.54% हुई
Public Lokpal
October 12, 2026
महंगाई का जोरदार झटका: सब्जियों के दाम भड़के, खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 5.54% हुई
सब्जियों और खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण सितंबर में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति 14 महीने के उच्च स्तर 5.54% पर पहुंच गई।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों के अनुसार, हेडलाइन मुद्रास्फीति अगस्त के 4.83% से तेजी से बढ़ी है, जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4.00% के मध्यम अवधि के लक्ष्य को पार कर गई है।
खाद्य वस्तुओं की महंगाई इस वृद्धि की मुख्य वजह रही। उपभोक्ता खाद्य मूल्य मुद्रास्फीति पिछले महीने के 5.97% से बढ़कर 7.74% हो गई।
रसोई के बजट पर सबसे अधिक असर बुनियादी सब्जियों का पड़ा—प्याज की कीमतों में सालाना आधार पर 108% का भारी उछाल आया, जबकि लहसुन, अदरक और नींबू की कीमतों में भी 54% तक की बढ़ोतरी देखी गई।
बेमौसम बारिश, फसल के नुकसान और आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं ने थोक मंडियों में आवक को प्रभावित किया।
ग्रामीण इलाकों पर इसका असर अधिक पड़ा, जहां मुद्रास्फीति 6.08% दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 4.88% रही।
बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने की पहल शुरू की है, वहीं केंद्रीय बैंक खाद्य वस्तुओं की अनिश्चितता पर कड़ी नजर बनाए हुए है।





