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पेपर लीक पर सख्त रुख: 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का प्रावधान
Public Lokpal
July 25, 2026
पेपर लीक पर सख्त रुख: 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का प्रावधान
प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक की घटनाओं को रोकने तथा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम (Public Examinations Act) के तहत कड़े प्रावधान लागू किए गए हैं:
कड़ा वित्तीय दंड: पेपर लीक, फर्जी परीक्षा आयोजित करने या संगठित धांधली में शामिल पाए जाने पर ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
सख्त सजा के प्रावधान: संगठित अपराध या गंभीर मामलों में संलिप्त आरोपियों को अधिकतम 10 साल की जेल और न्यूनतम 5 साल की सजा हो सकती है।
फास्ट-ट्रैक सुनवाई: मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष कानूनी व्यवस्था की गई है, जिसके तहत 2 महीने के भीतर जांच और 3 महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
गैर-जमानती अपराध: इस कानून के तहत सभी संबंधित अपराधों को संज्ञेय (Cognizable), गैर-जमानती (Non-bailable) और गैर-शमनीय (Non-compoundable) बनाया गया है।
संस्थागत जवाबदेही: यदि कोई परीक्षा एजेंसी, सेवा प्रदाता (Service Provider) या आउटसोर्स टीम इसमें दोषी पाई जाती है, तो उनसे परीक्षा की पूरी लागत वसूली जाएगी और उन्हें काली सूची (Blacklist) में डाल दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, यह कानून परीक्षाओं में पारदर्शिता वापस लाने, देश की चयन प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और ईमानदार व मेधावी छात्रों के सपनों को एक न्यायपूर्ण अवसर प्रदान करने में बेहद कारगर साबित होगा।






