post
post
post
post
post
post
post

बच्चा गोद लेने के लिए जरूरी नहीं मैरिज सर्टिफिकेट, इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी

Public Lokpal
February 22, 2022

बच्चा गोद लेने के लिए जरूरी नहीं मैरिज सर्टिफिकेट, इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी


इलाहाबाद: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने माना है कि बच्चा गोद लेने के लिए विवाह प्रमाण पत्र एक आवश्यक शर्त नहीं है। अदालत ने कहा कि हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत एकल माता-पिता भी बच्चे को गोद ले सकते हैं।

अदालत ने 9 फरवरी को एक ट्रांसजेंडर रीना किन्नर और उसके साथी द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। याचिका में कहा गया था कि रीना का जन्म 1983 में हुआ था और उनकी शादी 16 दिसंबर 2000 को महाबीर मंदिर, अरदली बाजार, वाराणसी में हुई थी। याचिकाकर्ता एक बच्चा गोद लेना चाहते थे, लेकिन उन्हें विवाह प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए कहा गया, जो उनके पास है नहीं।

NEWS YOU CAN USE

Top Stories

post
post
post
post
post
post
post
post
post
post
post
post

Advertisement

Pandit Harishankar Foundation

Videos you like

Watch More