BIG NEWS
- बॉम्बे हाईकोर्ट का सख्त रुख: मुंबई के रेस्तरां छापों पर रोक और FDA को निर्देश
- सुप्रीम कोर्ट का नीट प्रदर्शनों पर आदेश: FIR वापस लेने की राज्यों को छूट, गंभीर अपराधों में राहत नहीं
- दिल्ली कोर्ट ने पहलवानों के उत्पीड़न मामले में पूर्व WFI प्रमुख बृजभूषण सिंह बरी
- 3.9 लाख से अधिक मामलों के लंबित होने पर केंद्र का राज्यों को निर्देश, ड्रग अपराधों के लिए बनाएं विशेष अदालतें
- रेशम फातिमा: चेवेनिंग छात्रवृत्ति पाने वाली भारत की पहली एसिड अटैक सर्वाइवर
- निर्वासन के दो साल बाद पहली बार मीडिया के सामने आएंगी शेख हसीना
- दिल्ली में सांसद पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा, चाकू से हमले के प्रयास का आरोप
- कावेरी विवाद: विजय के मंत्री का कर्नाटक के सीएम पर हमला, स्टालिन के इशारे पर काम करने का आरोप
- नीट पीजी 2026: एक ही पाली में होगी परीक्षा, प्रश्नों की संख्या घटकर हुई 180
- ट्रम्प ने तेहरान के सौदे के अनुरोध के बाद ईरान पर हमले टाले
3.9 लाख से अधिक मामलों के लंबित होने पर केंद्र का राज्यों को निर्देश, ड्रग अपराधों के लिए बनाएं विशेष अदालतें
Public Lokpal
August 03, 2026
3.9 लाख से अधिक मामलों के लंबित होने पर केंद्र का राज्यों को निर्देश, ड्रग अपराधों के लिए बनाएं विशेष अदालतें
मादक पदार्थों (NDPS अधिनियम) से जुड़े लगभग 3.9 लाख मामले देश भर में लंबित हैं। इस भारी बैकलॉग को खत्म करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष अदालतें स्थापित करने का निर्देश दिया है।
तस्करी और ड्रग्स के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद देश में केवल 65 विशेष अदालतें ही काम कर रही हैं। पंजाब, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में ऐसे मामलों का बड़ा बोझ है, लेकिन वहां एक भी विशेष अदालत नहीं होने के कारण नियमित अदालतों पर दबाव बढ़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और बढ़ती चिंताओं के बीच, केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे हाईकोर्ट के साथ मिलकर विशेष अदालतों का गठन करें।
इसके साथ ही, मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति करने और लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के भी निर्देश दिए गए हैं।






