BIG NEWS
- उद्यमी मानव सरदाना ने डीएलएफ 'द डाहलियास' में 271 करोड़ रुपये में खरीदा पेंटहाउस
- एयर इंडिया की उड़ान में हाइड्रोलिक फेलियर के कारण 300 फीट की गिरावट
- गृह मंत्रालय का बड़ा कदम: अब 88 अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स पर मिलेगी ई-वीज़ा की सुविधा
- राम मंदिर ट्रस्ट को जल्द मिलेगा पहला सीईओ, 18 उम्मीदवार अंतिम दौर में
- लोकसभा ने बिना चर्चा के पारित किया 'अधिकरण सुधार विधेयक, 2026'
- संसद गतिरोध: छात्र विरोध प्रदर्शनों पर बहस के लिए सरकार तैयार, गृह मंत्री देंगे जवाब
- एआर रहमान के बेटे अमीन चेन्नई में कार हादसे का शिकार, सुरक्षित बचे
- झारखंड हलचल: विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों में हिंसक झड़प, जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल. खियांते गिरफ्तार
- छत्तीसगढ़: रिश्तेदार को जमानत दिलाने के लिए मुख्य न्यायाधीश की तस्वीर के साथ तांत्रिक अनुष्ठान करने वाला गिरफ्तार
- अमेरिका में एच-1B वीजा का 60 दिन का नियम हो सकता है खत्म
लोकसभा ने बिना चर्चा के पारित किया 'अधिकरण सुधार विधेयक, 2026'
Public Lokpal
August 10, 2026
लोकसभा ने बिना चर्चा के पारित किया 'अधिकरण सुधार विधेयक, 2026'
लोकसभा ने विपक्ष के भारी हंगामे के बीच अधिकरण सुधार विधेयक, 2026 (Tribunals Reforms Bill, 2026) को बिना किसी औपचारिक चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया।
मुख्य बिंदु:
राष्ट्रीय अधिकरण आयोग (NTC): विधेयक के तहत नई दिल्ली में एक स्वतंत्र शीर्ष निकाय 'राष्ट्रीय अधिकरण आयोग' के गठन का प्रस्ताव है, जो अधिकरणों के सदस्यों की चयन प्रक्रिया और कामकाज की निगरानी करेगा।
एकसमान सेवा शर्तें: इसके जरिए विभिन्न सांविधिक अधिकरणों (Statutory Tribunals) के अध्यक्षों और सदस्यों की योग्यताओं, कार्यकालों, वेतन और हटाने की प्रक्रिया में एकरूपता लाई जाएगी।
व्यापक दायरा: यह विधेयक CAT, SAT, NCLAT, NGT, ITAT और AFT सहित देश के 16 प्रमुख अधिकरणों को अपने दायरे में लाता है।
पृष्ठभूमि: यह कानून वर्ष 2021 के पुराने अधिनियम का स्थान लेगा, जिसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और न्यायिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों के अनुरूप तैयार किया गया है।






