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बिहार-झारखंड के प्राणरक्षक
Public Lokpal
May 10, 2021
बिहार-झारखंड के प्राणरक्षक
नई दिल्ली: एक तरफ भारत में कोविड की समस्या लगातार भयावह स्थिति की ओर तेजी से बढ़ रही है और देश भर के स्वास्थ्य संबंधी संसाधन लगभग थकने लगे हैं वहीं अमेरिका और यूके में लगभग 400 डॉक्टरों का एक समूह (बिहार और झारखण्ड के प्रवासी भारतीयों का अधिकतर हिस्सा) घर से ही कोविड मरीजों और उनके परिजनों की समस्याओं को न केवल सुन रहा है बल्कि उसका निराकरण करने का पूरा प्रयास भी करने में लगा हुआ है।
बिहार एंड झारखंड एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (BJANA) के नेतृत्व में, डॉक्टर 'प्राण कोविड -19 हेल्पलाइन' पर उपलब्ध हैं। यह पहल लगभग एक महीने पहले शुरू हुई थी, जब 15 भारतीय-अमेरिकी डॉक्टरों ने दोनों राज्यों में अस्पताल के बिस्तर, दवाइयां और ऑक्सीजन की उपलब्धता और तंगी के बारे में चिंतित होकर इस हेल्पलाइन की शुरुआत की थी।
हर दिन, सुबह 7 से 8 बजे के बीच (भारतीय समय), डॉक्टर सप्ताहांत पर विशेष वेबिनार के अलावा, कोविड -19 के बारे में "सामान्य जानकारी" प्रदान करने के लिए एक लाइव ज़ूम सत्र आयोजित करते हैं। आपात स्थिति में, डॉक्टर एक-एक कर ऑनलाइन परामर्श भी देते हैं या रोगी को सीधे कॉल कर सकते हैं, ये सभी सेवाएं मुफ्त होती हैं।
इस दौरान खून के थक्के जमने, स्टेरॉयड के उपयोग, बार-बार होने वाला बुखार, इम्युनिटी बूस्टर, बच्चों के लिए टीकाकरण जैसे सवाल पूछे जाते हैं।
हेल्पलाइन की टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भोजपुरी और मैथिली में वीडियो अपलोड करने के अलावा, माउथ पब्लिसिटी द्वारा इस सर्विस के प्रचार-प्रसार पर भरोसा कर रही है। अब तक 500 से अधिक व्यक्तिगत ज़ूम सत्र आयोजित किए गए हैं। हेल्पलाइन के व्हाट्सएप ग्रुप, जहां मरीज रक्त परीक्षण और स्कैन की रिपोर्ट अपलोड कर रहे हैं, डॉक्टरों ने हर दिन सैकड़ों प्रश्नों का जवाब दिया है।



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