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होर्मुज़ जलडमरूमध्य के फिर से खुलने से कम होगा भारत के लिए तेल सप्लाई का जोखिम
Public Lokpal
June 15, 2026
होर्मुज़ जलडमरूमध्य के फिर से खुलने से कम होगा भारत के लिए तेल सप्लाई का जोखिम
नई दिल्ली: होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से शिपिंग का फिर से शुरू होना या सामान्य होना भारत के लिए बड़ी राहत की बात होगी। भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल (crude oil) आयातकों में से एक है। इससे तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं कम होंगी, माल ढुलाई का खर्च घटेगा और महंगाई का दबाव भी कम होगा।
ईरान और ओमान के बीच मौजूद यह संकरा जलमार्ग दुनिया के कुल तेल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है। यह खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख उत्पादक देशों - जैसे सऊदी अरब, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और कतर - के लिए मुख्य निर्यात मार्ग है। ये सभी देश भारत को ऊर्जा की सप्लाई करने वाले अहम देश हैं।
फरवरी के आखिर में ईरान से जुड़ी घटनाओं के कारण इस जलमार्ग से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई में रुकावट आ गई थी। कच्चा तेल पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन बनाने का कच्चा माल है, जबकि प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बिजली बनाने, खाद बनाने, गाड़ियों के लिए CNG बनाने और घरों में खाना पकाने के लिए किया जाता है।
इस रुकावट के कारण कच्चे तेल की कीमतों, शिपिंग इंश्योरेंस प्रीमियम और माल ढुलाई की दरों में भारी बढ़ोतरी हुई थी।







