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उत्तराखंड पलायन रोकथाम आयोग की रिपोर्ट में 1,149 प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी का खुलासा

Public Lokpal
April 04, 2025

उत्तराखंड पलायन रोकथाम आयोग की रिपोर्ट में 1,149 प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी का खुलासा


देहरादून : उत्तराखंड ग्रामीण विकास एवं पलायन रोकथाम आयोग ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए राज्य सरकार को अपनी पहली सर्वेक्षण रिपोर्ट सौंपी है। इसमें पूरे क्षेत्र में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में चिंताजनक कमियों को उजागर किया गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य के 1,149 प्राथमिक विद्यालयों में कोई शिक्षक नहीं है।

आयोग ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की घटती संख्या और शिक्षकों की भारी कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

आयोग ने अपनी 204 पृष्ठों की व्यापक सर्वेक्षण रिपोर्ट में इन क्षेत्रों में स्कूली बच्चों और शिक्षकों की संख्या के बीच भारी असमानता का विवरण दिया है।

आयोग के निष्कर्षों से पता चलता है कि "वर्तमान में उत्तराखंड में 12,065 प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं और चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से लगभग 50 प्रतिशत संस्थानों में प्रधानाध्यापक नहीं हैं।"

पलायन रोकथाम आयोग ने यह भी खुलासा किया, "प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के 263 स्कूलों में छात्रों को पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक उपलब्ध नहीं है। कक्षा 1 से 5 और 6 से 8 सबसे अधिक प्रभावित हैं।"

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि प्राथमिक से लेकर उच्च प्राथमिक स्तर तक के 180 स्कूल ऐसे हैं, जहाँ केवल 242 शिक्षक ही एक-एक छात्र को पढ़ा रहे हैं। ऐसे स्कूलों की सबसे अधिक संख्या पौड़ी, अल्मोड़ा और टिहरी जिलों में पाई जाती है।

एक चौंकाने वाले खुलासे में पलायन रोकथाम आयोग ने बताया, "उत्तराखंड में 3,504 स्कूलों में छात्रों को पढ़ाने के लिए केवल एक शिक्षक है। इन स्कूलों की सबसे अधिक संख्या पिथौरागढ़, पौड़ी और चमोली जिलों में पाई जाती है। इसके अतिरिक्त, प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के 8,324 कक्षाओं में सिर्फ एक एक छात्र हैं।"

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