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कैप्टन स्मित मच्छड़ की प्रेरणादायक कहानी साधारण शुरुआत से कॉकपिट हीरो तक
Public Lokpal
October 02, 2026
कैप्टन स्मित मच्छड़ की प्रेरणादायक कहानी साधारण शुरुआत से कॉकपिट हीरो तक
मुंबई: मुंबई के साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले स्मित मच्छड़ ने कभी नहीं सोचा था कि वे एक दिन दुनिया भर में नायक के रूप में जाने जाएंगे। उन्होंने शुरुआत में पारिवारिक व्यवसाय संभालने के लिए टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में मुंबई के वेलिंगकर इंस्टीट्यूट से मैनेजमेंट किया। लेकिन एक एविएशन सेमिनार में जाने के बाद उनका झुकाव पायलट बनने की ओर हुआ। इसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड के 'ड्यूनिedin' से कमर्शियल पायलट की कठिन ट्रेनिंग पूरी की।
जून 2011 में उन्होंने स्पाइसजेट के साथ अपने करियर की शुरुआत की और 11 वर्षों तक सेवा देते हुए लाइन ट्रेनिंग कैप्टन बने। जून 2022 में वे 'फ्लाईदुबई' से जुड़े। उनके जीवन का सबसे बड़ा इम्तिहान 30 सितंबर 2026 को आया, जब दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान (FZ1073) के दौरान उनके सह-पायलट ने कॉकपिट में उन पर जानलेवा हमला कर दिया।
गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान होने के बावजूद कैप्टन मच्छड़ ने हार नहीं मानी। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे चालक दल के सदस्यों और यात्रियों ने हमलावर को दबोच लिया और विमान को सुरक्षित सऊदी अरब के ताबूक में लैंड कराया। उनकी इस अदम्य बहादुरी ने लगभग 180 यात्रियों की जान बचाई।





