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त्योहारों से ठीक पहले ग्रामीण बाजारों पर मानसूनी संकट की मार
Public Lokpal
October 02, 2026
त्योहारों से ठीक पहले ग्रामीण बाजारों पर मानसूनी संकट की मार
देश में इस बार मानसून कमजोर रहने और लगभग 12% से 13% की राष्ट्रीय कमी के कारण त्योहारों के सीजन से ठीक पहले ग्रामीण बाजारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश के असमान वितरण से खरीफ फसलों की बुआई, मिट्टी की नमी और जलाशयों के जलस्तर पर बुरा असर पड़ा है, जिससे ग्रामीण इलाकों की क्रय शक्ति काफी कमजोर हो गई है।
इस स्थिति का सबसे बड़ा असर ऑटोमोबाइल और रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान (एफएमसीजी) पर दिख रहा है। महिंद्रा और एस्कॉर्ट्स जैसी प्रमुख कंपनियों के ट्रैक्टरों की बिक्री में 16% से 21% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जबकि दोपहिया वाहनों की मांग भी धीमी पड़ गई है। ग्रामीण परिवार संभावित आर्थिक तंगी के चलते गैर-जरूरी सामान खरीदने से बच रहे हैं।
इसके विपरीत, शहरी इलाकों में मांग मजबूत बनी हुई है और वाहन तथा इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में डबल-डिजिट की वृद्धि दर्ज की जा रही है, जो शहरी और ग्रामीण उपभोग के बीच बढ़ते अंतर को दर्शाता है। इसके अलावा, जलाशयों में कम पानी होने से आगामी रबी फसलों की बुआई को लेकर भी चिंताएं गहरा गई हैं। कृषि उत्पादन स्थिर होने और सरकारी मदद मिलने तक ग्रामीण क्षेत्रों में मांग सुस्त रहने की आशंका है।





