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लाल किला ब्लास्ट मामला: एनआईए कोर्ट ने 7500 पन्नों की चार्जशीट पर की सुनवाई
Public Lokpal
August 29, 2026
लाल किला ब्लास्ट मामला: एनआईए कोर्ट ने 7500 पन्नों की चार्जशीट पर की सुनवाई
नई दिल्ली: नई दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष एनआईए अदालत ने 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए वाहनजनित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (वीबीआईईडी) ब्लास्ट मामले में 7,500 पन्नों की व्यापक चार्जशीट का औपचारिक संज्ञान ले लिया है। इस उच्च तीव्रता वाले कार बम विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे।
मुख्य विवरण और आरोप-
आतंकी मॉड्यूल: जांच एजेंसी के अनुसार, यह मॉड्यूल अल-कायदा के एक अनुषांगिक संगठन 'अंसार गजवत-उल-हिंद' (एजीयूएच) से जुड़ा हुआ था, जो "ऑपरेशन हेवनली हिंद" नामक साजिश के तहत काम कर रहा था।
प्रमुख आरोपी: इस मामले में मुख्य षड्यंत्रकारी डॉ. उमर उन नबी की धमाके में मौत हो चुकी है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किए गए अन्य आरोपियों में आमिर रशीद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयब, डॉ. बिलाल नशीर मल्ला और यासिर अहमद डार शामिल हैं।
सबूत और साक्ष्य: चार्जशीट में 588 गवाहों के बयान, 395 से अधिक दस्तावेज और टीएटीपी विस्फोटक व अवैध हथियारों से जुड़े 200 से ज्यादा भौतिक साक्ष्य शामिल हैं।
कानूनी धाराएं: आरोपियों पर यूएपीए, बीएनएस, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए हैं।
विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने एनआईए को सभी आरोपियों को चार्जशीट की पूरी प्रतियां उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर 2026 के लिए तय की है।





