BIG NEWS
- न्यूरो साइंस में क्रांति: 2026 का चिकित्सा नोबेल
- मायावती ने आकाश आनंद को फिर बनाया बीएसपी का नेशनल कोऑर्डिनेटर, राजनीतिक हलकों में हलचल
- चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार: फॉर्म 6 में बदलाव को नहीं दी कोई मंजूरी
- बीजेपी ने यूपी राज्यसभा सूची में किया बड़ा बदलाव, पुरी और 7 मौजूदा सांसद बाहर
- 1,200 करोड़ रुपये में साबरमती आश्रम का 'पुनर्जन्म'
- संभावित सुरक्षा खतरे के बाद पेंटागन ने आरएएफ फेयरफोर्ड से वापस बुलाए बी-1 बॉम्बर विमान
- साइबेरियाई लैब दुर्घटना: रूस में संदिग्ध प्लेग लीक से महिला की मौत, 200 लोग आइसोलेशन में
- जीएसटी परिषद ई-कॉमर्स और व्यवसायों के लिए बड़े अनुपालन सुधारों पर कर सकती है विचार
- उत्तर प्रदेश सरकार ने भदोही जिले का नाम बदलकर किया 'संत रविदास नगर भदोही'
- ऑपलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया का ऐलान भारत-पाकिस्तान मुकाबला एशियाई खेलों के इतिहास में सबसे ज्यादा
भारतीय सेना ने ड्रोन और सीसीटीवी में विदेशी कमियों को दूर करने के लिए लॉन्च कीं हाई-टेक लैब
Public Lokpal
September 21, 2026
भारतीय सेना ने ड्रोन और सीसीटीवी में विदेशी कमियों को दूर करने के लिए लॉन्च कीं हाई-टेक लैब
छिपे हुए विदेशी खतरों और जासूसी के जोखिमों से निपटने के लिए, भारतीय सेना ने अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाओं का एक विशेष नेटवर्क स्थापित किया है।
आश्वस्त (AASHVAST) नामक इस परियोजना के तहत, ये प्रयोगशालाएं सैन्य-ग्रेड हार्डवेयर की कठोर सुरक्षा जांच करती हैं।
इस पहल का मुख्य फोकस ड्रोन, मानव रहित हवाई वाहन (UAV) और सीसीटीवी कैमरे हैं।
स्वदेशी उत्पादों के रूप में बेची जाने वाली संदिग्ध विदेशी आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, ये लैब छिपे हुए बैकडोर और मैलवेयर का पता लगाने के लिए उन्नत सॉफ्टवेयर का उपयोग करती हैं।
विशेष रूप से, 'आश्वस्त' का उद्देश्य भू-स्थानिक कमियों और समयबद्ध विफलता कोड जैसे खतरों को पकड़ना है। सभी इलेक्ट्रॉनिक घटकों की गहन जांच करके, भारतीय सेना विदेशी निगरानी और साइबर-सैनिक हमलों के खिलाफ अपनी तकनीकी सुरक्षा को मजबूत कर रही है।









