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मीडिया वन की याचिका पर 11 मार्च को सुनवाई करेगा SC
Public Lokpal
March 07, 2022 | Updated: March 07, 2022
मीडिया वन की याचिका पर 11 मार्च को सुनवाई करेगा SC
नयी दिल्ली: मलयालम न्यूज़ चैनल 'मीडिया वन' पर उच्चतम न्यायालय द्वारा सुरक्षा आधार प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र के फैसले को बरकरार रखने वाले केरल उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ 'मीडिया वन' की याचिका पर 11 मार्च को सुनवाई के लिए सोमवार को सहमत हो गया।
मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने 'मीडिया वन' की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे की दलीलों को सुना, जिसमें कहा गया था कि याचिका पर तत्काल सुनवाई की जरूरत है।
दुष्याणी दवे ने अपनी दलील में कहा 'यह बहुत गंभीर बात है, 11 साल से हम काम कर रहे हैं और हमारे पास 350 कर्मचारी और लाखों दर्शक हैं। गृह मंत्रालय की कुछ गुप्त फाइलों के कारण हमें बंद कर दिया गया है। वरिष्ठ वकील ने कहा कि एकल न्यायाधीश और उच्च न्यायालय की खंडपीठ दोनों ने मेरी पीठ पीछे इस (सरकार की कार्रवाई) को उचित ठहराया है।
एक उपयुक्त पीठ के समक्ष CJI ने मामले को शुक्रवार को सूचीबद्ध करते हुए कहा कि यह बहुत गंभीर है और इसमें शामिल मुद्दा सूचना का अधिकार और प्रेस की स्वतंत्रता का है।
इससे पहले, केरल उच्च न्यायालय ने मलयालम समाचार चैनल के प्रसारण पर रोक लगाने के केंद्र के फैसले को बरकरार रखा था और केंद्र सरकार के 31 जनवरी के फैसले को चुनौती देने वाली मध्यमम ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड की याचिका खारिज कर दी थी। उच्च न्यायालय ने कहा था कि गृह मंत्रालय (एमएचए) का सुरक्षा मंजूरी से इनकार करने का निर्णय विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त खुफिया सूचनाओं पर आधारित है।
केंद्र सरकार ने यह भी कहा था कि गृह मंत्रालय ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं पर सुरक्षा मंजूरी से इनकार कर दिया था।
चैनल ने तर्क दिया था कि गृह मंत्रालय की मंजूरी केवल नई अनुमति/लाइसेंस के लिए आवश्यक है न की नवीनीकरण के समय नहीं।
इसने यह भी तर्क दिया था कि अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग दिशानिर्देशों के अनुसार, सुरक्षा मंजूरी केवल नई अनुमति के लिए आवेदन के समय आवश्यक थी, न कि लाइसेंस के नवीनीकरण के समय।




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