BIG NEWS
- राहुल गांधी का युवाओं से महिला सुरक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन का आह्वान, बोले दबाव में ही सुनती है सरकार
- मुख्य चुनाव आयुक्त के 'एकतरफा' फैसलों के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते करेगा सुनवाई
- रेड बुल ने 'एनर्जी ड्रिंक' लेबल पर खाद्य सुरक्षा नियामक के प्रतिबंध को दी चुनौती
- टाटा संस को निजी बनाए रखने के लिए टाटा ट्रस्ट्स का पुनर्गठन का प्रस्ताव
- विथ्या रामराज ने तोड़ा पी.टी. उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड
- लुधियाना से यूएई तक: अंगद सिंह ढिल्लों बने कनाडा के नए राजदूत
- फंडिंग में भारी गिरावट: आप के चंदे में 68% कमी, बीजद ने घोषित किया शून्य चंदा
- TRAI के नए नियम: Jio, Airtel और Vi यूजर्स के लिए बिना डेटा वाले प्लान अनिवार्य
- विश्व समाचार दिवस: भ्रामक खबरों के दौर में तथ्य-परक पत्रकारिता और लोकतंत्र की रक्षा
- दिल्ली सरकार की सख्त सर्दियों की प्रदूषण विरोधी योजना: निर्माण प्रतिबंध और 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नियम लागू
झारखंड शराब घोटाला: एसीबी कोर्ट से निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को मिली जमानत
Public Lokpal
August 19, 2025
झारखंड शराब घोटाला: एसीबी कोर्ट से निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को मिली जमानत
रांची: झारखंड शराब घोटाले के सिलसिले में 20 मई से जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अदालत ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (बीएनएसएस) की धारा 187(2) के तहत रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अदालत ने डिफ़ॉल्ट ज़मानत दे दी है।
अदालत ने इस शर्त पर ज़मानत दी कि उन्हें राज्य छोड़ने से पहले अदालत को सूचित करना होगा। उन्हें मुकदमे के दौरान अपना मोबाइल नंबर न बदलने की नसीहत भी दी गई है। उन्हें 25,000 रुपये के दो निजी मुचलके भी भरने का निर्देश दिया गया है।
विनय चौबे को डिफ़ॉल्ट ज़मानत इसलिए मिली क्योंकि एसीबी निर्धारित 90 दिनों की अवधि के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने में विफल रही। जाँच एजेंसी ने कहा कि अभियोजन की मंज़ूरी न मिलने के कारण देरी हुई।
एसीबी ने घोटाले के सिलसिले में पूछताछ के बाद 20 मई को चौबे को गिरफ्तार किया था। वह न्यायिक हिरासत में हैं और राज्य सरकार ने गंभीर आरोपों के चलते उन्हें निलंबित कर दिया है।
जाँचकर्ताओं के अनुसार, चौबे ने कथित तौर पर छत्तीसगढ़ शराब सिंडिकेट के साथ मिलकर झारखंड की नई शराब नीति तैयार की, जिसे 31 मार्च, 2022 को लागू किया गया, जिससे राज्य को वित्तीय नुकसान हुआ। इस मामले में कम से कम 10 आरोपी वर्तमान में जेल में हैं, और आरोपपत्र दाखिल न होने के कारण वे भी डिफ़ॉल्ट जमानत के पात्र हो सकते हैं।




.jpeg)
.jpeg)

.jpeg)



