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गृह मंत्री का ऐलान देश से वामपंथी उग्रवाद का सफाया
Public Lokpal
October 17, 2026
गृह मंत्री का ऐलान देश से वामपंथी उग्रवाद का सफाया
भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है, क्योंकि सरकार ने वामपंथ उग्रवाद (LWE) के निर्णायक अंत की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह मील का पत्थर उस समय हासिल हुआ है जब देश ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सशस्त्र नक्सल विद्रोह को हमेशा के लिए समाप्त करने के वास्ते तय की गई 31 मार्च, 2026 की समय-सीमा को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
पिछले एक दशक में यह बदलाव बेहद उल्लेखनीय रहा है। वर्ष 2014 में देश के कई राज्यों के 126 जिलों में फैले इसके प्रभाव को, सक्रिय रूप से चलाए गए अभियानों के जरिए व्यवस्थित रूप से समाप्त कर दिया गया है। विशेषकर बस्तर और अबूझमाड़ के घोर दुर्गम इलाकों में सुरक्षा कैंपों की स्थापना, खुफिया तंत्र पर आधारित तीव्र अभियानों और तेजी से फैलते सड़क व डिजिटल बुनियादी ढांचे के कारण ये क्षेत्र अब मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सफलता केवल सुरक्षा बलों के अभियानों के बलबूते नहीं मिली, बल्कि इसमें 'समाधान' (SAMADHAN) सिद्धांत के साथ-साथ आकर्षक आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीतियों का भी बड़ा योगदान रहा, जिसके माध्यम से कई कैडरों ने मुख्यधारा में वापसी की।
सशस्त्र विद्रोह के प्रभावी रूप से समाप्त होने के बाद, अब केंद्र और राज्य सरकारों का पूरा ध्यान क्षेत्रीय विकास और शांति बहाली पर केंद्रित हो गया है। ऐतिहासिक रूप से उपेक्षित इन क्षेत्रों में लोकतांत्रिक शासन, कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच और सतत आर्थिक विकास सुनिश्चित करना अब सर्वोच्च प्राथमिकता है।





