post
post
post
post
post
post
post
post
post
post
BIG NEWS

ED ने I-PAC के एक और डायरेक्टर को भेजा समन, सोमवार को पेश होने को कहा

Public Lokpal
April 20, 2026

ED ने I-PAC के एक और डायरेक्टर को भेजा समन, सोमवार को पेश होने को कहा


नई दिल्ली: अधिकारियों ने रविवार को बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राजनीतिक सलाहकारी फर्म I-PAC के डायरेक्टर ऋषि राज सिंह को हवाला लेन-देन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 20 अप्रैल को पूछताछ के लिए समन भेजा है।

2015 में बनी यह कंपनी कई राजनीतिक संगठनों को राजनीतिक सलाह देती है, जिनमें दो चुनावी राज्यों—TMC (पश्चिम बंगाल) और DMK (तमिलनाडु)—में सत्ता में काबिज पार्टियां भी शामिल हैं।

इसके तीन संस्थापक डायरेक्टर हैं, जिनमें ऋषि  राज सिंह, विनेश चंदेल (जिन्हें ED ने हाल ही में गिरफ्तार किया है) और प्रतीक जैन शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि ऋषि राज सिंह को राजनीतिक पार्टियों और अन्य संस्थाओं से मिले पैसों के कथित हवाला लेन-देन से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए 20 अप्रैल को दिल्ली में ED के दफ्तर में पेश होने को कहा गया है।

उन्होंने बताया कि पेश होने के बाद उनका बयान मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज किया जाएगा।

इस जांच के तहत ED ने 2 अप्रैल को बेंगलुरु में सिंह के ठिकानों पर छापा मारा था।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में 13 अप्रैल को दिल्ली में पूछताछ के बाद विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल ED की हिरासत में हैं।

यह जांच दिल्ली पुलिस की उस FIR से शुरू हुई है, जो इंडियन PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (I-PAC) के खिलाफ खातों में हेराफेरी और सिंह, चंदेल और जैन जैसे डायरेक्टरों के ज़रिए बेहिसाब पैसों के लेन-देन के आरोपों पर दर्ज की गई थी।

ED ने पहले कहा था कि उसे I-PAC द्वारा कथित वित्तीय अनियमितताओं और "मनी लॉन्ड्रिंग" के कई मामलों का पता चला है। इनमें हिसाब में दर्ज और बेहिसाब पैसों की प्राप्ति, बिना किसी कारोबारी साख के असुरक्षित कर्ज़ लेना, फर्जी बिल और इनवॉइस जारी करना, तीसरे पक्षों से पैसे लेना और हवाला चैनलों के ज़रिए नकदी का लेन-देन शामिल है।

एजेंसी ने दावा किया कि I-PAC करीब 50 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित संपत्ति की मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थी।

अधिकारियों ने बताया कि यह मामला कोयला "घोटाले" की जांच से "जुड़ा" हुआ है। कोयला "घोटाला" मामले में 8 जनवरी को ED ने जैन के ठिकानों और कोलकाता में I-PAC के दफ़्तर पर छापा मारा था। इस कार्रवाई पर तब विवाद खड़ा हो गया, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन ठिकानों पर पहुँचीं और कुछ दस्तावेज़ अपने साथ ले गईं। उनका दावा था कि ED चुनाव की रणनीति से जुड़े दस्तावेज़ ले जाने की कोशिश कर रही थी।

ED ने कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाते हुए आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ने "अपनी शक्तियों का घोर दुरुपयोग" किया है, और इस घटना की CBI जाँच की माँग की है।

NEWS YOU CAN USE

Top Stories

post
post
post
post
post
post
post
post
post
post
post
post

Advertisement

Pandit Harishankar Foundation

Videos you like

Watch More