BIG NEWS
- 1,200 करोड़ रुपये में साबरमती आश्रम का 'पुनर्जन्म'
- संभावित सुरक्षा खतरे के बाद पेंटागन ने आरएएफ फेयरफोर्ड से वापस बुलाए बी-1 बॉम्बर विमान
- साइबेरियाई लैब दुर्घटना: रूस में संदिग्ध प्लेग लीक से महिला की मौत, 200 लोग आइसोलेशन में
- जीएसटी परिषद ई-कॉमर्स और व्यवसायों के लिए बड़े अनुपालन सुधारों पर कर सकती है विचार
- उत्तर प्रदेश सरकार ने भदोही जिले का नाम बदलकर किया 'संत रविदास नगर भदोही'
- ऑपलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया का ऐलान भारत-पाकिस्तान मुकाबला एशियाई खेलों के इतिहास में सबसे ज्यादा
- अखिलेश यादव ने किया सुनिश्चित सीट से ज़्यादा अहम गठबंधन की जीत
- दिल्ली प्रदर्शन में महिला पत्रकारों से यौन उत्पीड़न का आरोप ACP पर मामला दर्ज करने की मांग
- राज और उद्धव ठाकरे की SIR को रद्द करने और कागजी बैलेट की वापसी की मांग
- श्रीलंकाई नौसेना ने कथित अवैध शिकार के लिए नौ भारतीय मछुआरों को पकड़ा
संदेशखली विवाद में TMC नेता को कोई राहत नहीं, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दिया गिरफ़्तारी का आदेश
Public Lokpal
February 26, 2024 | Updated: February 26, 2024
संदेशखली विवाद में TMC नेता को कोई राहत नहीं, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दिया गिरफ़्तारी का आदेश
कोलकाता : कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को स्पष्ट किया कि तृणमूल कांग्रेस नेता शेख शाहजहां की गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है। शाजहान पर संदेशखाली में यौन अत्याचार और जमीन हड़पने का आरोप है।
अदालत ने निर्देश दिया कि शेख, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई, राज्य के गृह सचिव को महिलाओं पर यौन अत्याचार और आदिवासी लोगों की जमीन हड़पने के आरोपों पर शुरू किए गए स्वत: संज्ञान मामले में पक्षकार बनाया जाए।
मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने निर्देश दिया कि उच्च न्यायालय रजिस्ट्री द्वारा समाचार पत्रों में एक सार्वजनिक नोटिस दिया जाए जिसमें कहा गया हो कि शेख को मामले में पक्षकार बनाया गया है। 5 जनवरी को ईडी अधिकारी पर भीड़ के हमले के बाद से शाजहान शेख को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। शेख को गिरफ्तार करने से पुलिस पर रोक है या नहीं, इस पर स्पष्टीकरण के लिए अदालत द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी की प्रार्थना पर, खंडपीठ ने कहा कि ऐसी कोई रोक नहीं है और पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है।
अदालत ने कहा कि एक अलग मामले में, उसने केवल सीबीआई और राज्य पुलिस की संयुक्त विशेष जांच टीम के गठन पर रोक लगाई थी, जिसे एकल पीठ ने ईडी अधिकारियों पर हमले की जांच करने का आदेश दिया था।
न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य सहित खंडपीठ ने निर्देश दिया कि मामला 4 मार्च को फिर से सुनवाई के लिए आएगा।




.jpeg)






