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पंजाब की कई औरतों को मस्कट में बेचा जा रहा है, अनैतिक गतिविधियों में लगाया जा रहा है, कहां हो सरकार?

Public Lokpal
May 22, 2023

पंजाब की कई औरतों को मस्कट में बेचा जा रहा है, अनैतिक गतिविधियों में लगाया जा रहा है, कहां हो सरकार?


नई दिल्ली: कपूरथला की एक महिला जो भारत में अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए ओमान गई थी, हाल ही में खाड़ी देश में एक दु:खद और भयावह मंजर से गुजरीं हैं। उसने खुद को एक खतरनाक स्थिति में पाया जहां मदद करने वाला कोई नहीं था। 

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के अनुसार रानी (अनुरोध पर नाम बदला गया) ने राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा किए गए प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया, जिन्होंने तत्परता के साथ काम किया और विदेश मंत्रालय की मदद से उन्हें वापस भारत लाए। लेकिन रानी के मुताबिक हर कोई उनकी तरह खुशनसीब नहीं होता। पंजाब की कई महिलाएं हैं जो खाड़ी में सड़ रही हैं और भारत लौटने की हर उम्मीद खो चुकीं हैं।

मस्कट में दो महीने बिताने के बाद हाल ही में लौटी रानी ने कहा कि पंजाब की जिन महिलाओं को नौकरी ('घरेलू नौकरानी' या 'केयरटेकर' का काम) देने के बहाने ओमान ले जाया गया, उन्हें वहां के स्थानीय लोगों को कथित तौर पर बेचा जा रहा है। और उन्हें जीवित रहने के लिए कथित तौर पर अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता है। रानी ने कहा कि पंजाब की 35 अन्य अविवाहित/विवाहित युवतियों का एक समूह - जिन्हें भारत में उनके ट्रैवल एजेंटों ने धोखा दिया था और अब खाड़ी देश में फंसी हुई हैं - अपने बचाव की प्रतीक्षा कर रही हैं। उनके मुताबिक, वहां फंसी महिलाओं के ऐसे और भी कई समूह हैं।

उसने आरोप लगाया कि इन सभी बेसहारा महिलाओं को वहां उतरने के बाद पीटा जाता है और धमकाया जाता है और अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता है। और जो विरोध करती हैं उन्हें कई दिनों तक भूखा रखा जाता है।

अपने पति हरदीप सिंह की मौजूदगी में अपनी आपबीती सुनाते हुए रानी ने कहा कि उनकी सगी 'मामी' ने उन्हें इस साल 16 मार्च को झूठी नौकरी का झांसा देकर मस्कट भेज दिया था।

रानी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, "मेरी मामी ने कहा कि मैं 30,000 रुपये प्रति माह वेतन के वादे के साथ एक अस्पताल में 'केयरटेकर' के रूप में काम करते हुए वहां (ओमान) अच्छी कमाई कर सकती हूं।" अनपढ़ रानी को टूरिस्ट वीजा पर वहां (खाड़ी) भेजा गया था। रानी ने कहा कि उसकी ट्रैवल एजेंट मामी ने उससे 70,000 रुपये लिए और फिर उसने मस्कट में अन्य एजेंटों के साथ उसे 1.50 लाख रुपये में कुछ स्थानीय लोगों को बेच दिया।

अपनी आप बीती बताते हुए रानी कहती हैं, “जब मैं 16 मार्च को वहां पहुंची तो वहां के एजेंटों ने मेरा पासपोर्ट और फोन ले लिया और मुझे एक कमरे में बंद कर दिया गया। मुझे खाना नहीं दिया गया। बाद में मैंने पाया कि पंजाब की 35 अन्य महिलाएं भी वहां बंद थीं। मुझे उनके साथ रखा गया था। जब मैंने एजेंटों से कहा कि मुझे 'वादा' की गई केयरटेकर की नौकरी के लिए अस्पताल भेज दें, तो वे मुझे अनैतिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर करने लगे, जिसका मैंने विरोध किया और साफ मना कर दिया। मना करने की कीमत चुकानी पड़ी, उन्होंने मुझे बेरहमी से पीटा। रानी ने कहा, उसने अपनी मामी को कॉल किया और उससे पूछा कि उसने उसके साथ ऐसा क्यों किया, जिस पर" मेरी मामी ने कहा कि वे (वहां के एजेंट) जो कुछ भी कहें वह करो"।

वह आगे बताती हैं “मेरी तरह, पंजाब की 35 और महिलाएँ भी मस्कट में फंसी हैं। मस्कट में फंसी इन महिलाओं को एक दिन में थोड़ा भोजन दिया जाता है ताकि वे मरें नहीं”। यह पूछे जाने पर कि जब मीडिया और सोशल मीडिया में इस तरह की नकारात्मक खबरें सामने आती हैं तो वह वहां क्यों गईं, रानी ने कहा कि उन्हें ऐसी खबरों की जानकारी नहीं है क्योंकि वह पढ़ी-लिखी नहीं हैं। रानी ने कहा, 'पंजाब सरकार को राज्य में इस तरह की धोखाधड़ी के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।

गरीब और अशिक्षित महिलाएं भगवान भरोसे बैठी हैं।

रानी ने कहा कि वह अपनी पांच साल की बेटी का भविष्य सुरक्षित करने के लिए मस्कट गई थीं। “हम कपूरथला में किराए के मकान में रहते हैं। मेरे पति एक टैक्सी ड्राइवर हैं, और हमारे लिए गुज़ारा करना मुश्किल है।”

उसे वापस लाने के लिए, रानी के पति 16 मई को सीचेवाल से मिले और उनके प्रयासों से वह पांच दिनों के भीतर भारत लौट आई।

सीचेवाल ने कहा, '16 मई को रानी के पति ने मेरी टीम से संपर्क किया। उसी दिन हमने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर उसे वापस लाने के लिए मदद मांगी थी।” रानी के भारत पहुंचने के बाद सीचेवाल ने उन्हें वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय का शुक्रिया अदा किया।

इस बीच, सीचेवाल ने केंद्र से ऐसे बेईमान ट्रैवल एजेंटों पर नजर रखने और उन पर कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। राज्यसभा सदस्य ने कहा कि इनमें से ज्यादातर महिलाओं से ट्रैवल एजेंटों द्वारा दो साल के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करवाए जाते हैं जो उनकी वापसी के रास्ते में आ जाता है। चूंकि ये महिलाएं अशिक्षित होती हैं, इसलिए इन्हें फंसाना आसान होता है। सीचेवाल ने कहा कि शर्त पूरी नहीं होने पर उनके गरीब परिवारों से उन्हें भारत वापस भेजने के लिए लाखों रुपये की मांग की जाती है।

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