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अंग दान रैकेट की जांच में ED ने की केरल भर के अस्पतालों और घरों पर छापेमारी
Public Lokpal
June 18, 2026
अंग दान रैकेट की जांच में ED ने की केरल भर के अस्पतालों और घरों पर छापेमारी
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को केरल भर के कई अस्पतालों और घरों में तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई, जो कथित ऑर्गन डोनेशन रैकेट से जुड़ी है। इस रैकेट में अवैध ट्रांसप्लांट के लिए नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था।
अधिकारियों ने बताया कि कोच्चि, तिरुवनंतपुरम और कोट्टायम जिलों में पांच जगहों पर सुबह से ही तलाशी ली गई।
ED सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने यह जांच अलग-अलग जिलों में पुलिस द्वारा दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू की। ये FIR एक ऐसे नेटवर्क के खिलाफ दर्ज की गई थीं जो कथित तौर पर पिछले कुछ वर्षों से अवैध ऑर्गन डोनेशन की व्यवस्था करने में शामिल था।
शुरुआती जांच से पता चला कि आरोपी ऑर्गन डोनर, लेने वाले और अस्पतालों के बीच बिचौलिए का काम करते थे और डोनेशन की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए मोटी रकम वसूलते थे। इन्हीं जानकारियों के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया।
अधिकारियों ने बताया कि तलाशी उन अस्पतालों में ली गई जिनका मुख्य आरोपी नजीब के साथ कथित तौर पर वित्तीय लेन-देन था। अकेले कोच्चि में ही तीन जगहों पर छापेमारी की गई।
एक साथ शुरू हुई यह तलाशी सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई, जिसमें जांचकर्ताओं ने ऑर्गन डोनेशन की प्रक्रियाओं से जुड़े बैंक ट्रांजेक्शन और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल की।
पुलिस की जांच में पता चला है कि ऑर्गन डोनेशन की प्रक्रिया में वेरिफिकेशन की जटिल प्रक्रियाएं शामिल होती हैं, जिनके लिए पुलिस, स्थानीय निकायों, डॉक्टरों, विधायकों और सांसदों से सर्टिफिकेट और मंजूरी की जरूरत होती है।
आरोप है कि इन प्रक्रियाओं से बचने के लिए आरोपियों ने नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।
पुलिस FIR के मुताबिक, यह गैंग अगस्त 2023 से सक्रिय था और इसने कथित तौर पर कोच्चि के दो प्राइवेट अस्पतालों के लेटरहेड, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट और विधायकों, सांसदों व पुलिस अधिकारियों के नाम से नकली पत्र तैयार किए थे।
पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि गैंग ने कई जाने-माने डॉक्टरों के सिफारिशी पत्र भी नकली बनाए थे।
इस रैकेट से जुड़े मामले कई जिलों में दर्ज किए गए हैं, क्योंकि यह कथित तौर पर पूरे केरल में चल रहा था।
मुख्य आरोपी नजीब, जो कासरगोड का रहने वाला है, को पिछले महीने उत्तर प्रदेश में पुलिस ने गिरफ्तार किया था।




