BIG NEWS
- बिहार की पंचायतों को मिला टैक्स वसूलने का अधिकार, बदल जाएगी गांवों की सूरत
- यूएस वीजा नियमों में सख्ती: भारतीयों पर क्या होगा असर?
- अमेरिकी-ईरान संघर्ष तेज: हवाई हमलों में पुलों और खाड़ी देशों को बनाया गया निशाना
- NEET-UG 2026 परिणाम घोषित: 11.2 लाख छात्र सफल, छात्राओं ने मारी बाजी
- केजरीवाल का वांगचुक को समर्थन; हाईकोर्ट ने दिए दैनिक स्वास्थ्य जांच के आदेश
- 'अन्ना आंदोलन' की याद दिलाकर उमर अब्दुल्ला ने वांगचुक के मुद्दे पर केंद्र की संवेदनशीलता पर उठाए सवाल
- जगन्नाथ रथ यात्रा में मची अफरा-तफरी: दम घुटने से एक की जान गई, कई भक्त बेहोश
- कैग ऑडिट का खुलासा: छत्तीसगढ़ में खनन कल्याण कोष में भारी हेराफेरी!
- ईंधन निर्यात पर सख्ती: सरकार ने डीजल और ATF पर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स
- एनपीसीआईएल: कुडनकुलम डेटा लीक से परमाणु सुरक्षा को कोई खतरा नहीं
बिहार की पंचायतों को मिला टैक्स वसूलने का अधिकार, बदल जाएगी गांवों की सूरत
Public Lokpal
July 17, 2026
बिहार की पंचायतों को मिला टैक्स वसूलने का अधिकार, बदल जाएगी गांवों की सूरत
ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिहार कैबिनेट ने "ग्राम पंचायत कर, दर और फीस नियमावली, 2026" को मंजूरी दे दी है। हालांकि बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 में ग्रामीण टैक्स का प्रावधान पहले से था, लेकिन इसे जमीन पर लागू करने के लिए सरकार ने पहली बार कोई ठोस नियमावली बनाई है।
नए नियमों के तहत कच्चे मकानों को टैक्स से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। वहीं, पक्के मकानों पर ₹100, सेमी-पक्के मकानों पर ₹50 और प्रधानमंत्री आवास योजना के घरों पर ₹25 वार्षिक टैक्स लगेगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए दरें अधिक हैं; पेट्रोल पंप, एलपीजी एजेंसी, ईंट भट्ठे और सिनेमा हॉल पर सालाना ₹5,000 टैक्स तय किया गया है।
नीति आयोग के दिशानिर्देशों के तहत शुरू की गई इस योजना से सालाना ₹1,300 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य है। सरकार के अनुसार, वसूले गए टैक्स का 100% हिस्सा स्थानीय पंचायतों के पास ही रहेगा, जिसे ग्रामीण सड़कों, जल निकासी और स्वच्छता जैसे विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।




