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आयरलैंड की धरती पर छठ पूजा के लिए सजे घाट, मांगी गईं मनौतियां
Public Lokpal
October 31, 2022
आयरलैंड की धरती पर छठ पूजा के लिए सजे घाट, मांगी गईं मनौतियां
(पब्लिक लोकपाल स्पेशल)
नई दिल्ली : बिहार की छठ पूजा ने अब अंतरराष्ट्रीय रूप ले लिया है। इसी क्रम में बिहार की धरती से दूर आयरलैंड में रहने वाले बिहार-झारखण्ड मूल के लोगों ने लोक आस्था के पर्व छठ पूजा में भारत की मिटटी की सोंधी महक को बरक़रार रखा। बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ आयरलैंड के 200 से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने छठ पूजा के लिए स्थानीय स्तर पर स्थल का निरीक्षण कर घाट की सफाई और सजावट का काम संभाला। छठ व्रतियों ने एकजुट होकर पारंपरिक गीत गए और छठ पूजा की।
बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ आयरलैंड के सौजन्य से पहली बार आयरलैंड में छठ महापर्व को बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस छठ पर्व का आयोजन डबलिन के पार्क कम्युनिटी सेंटर में किया गया। जहां सभी छठी व्रतियों ने एक साथ मिलकर सूर्य देव को 30 अक्टूबर को संध्या अर्घ्य दिया। छठ पर्व पर बिहार झारखंड समुदाय के लोगों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया। छठी मैया के गीत गए।
बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ आयरलैंड के मुताबिक छठ पर्व से हमें साधना, तप, त्याग, सदाचार, मन की पवित्रता तथा स्वच्छता और निर्मलता बनाये रखने की प्रेरणा मिलती है।
बता दें कि भगवान सूर्य और छठी माता को समर्पित महापर्व छठ पूजा हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथिको मनाया जाता है। कार्तिक माह के चतुर्थी तिथि को पहले दिन नहाय खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन डूबते सूर्य और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद व्रत का पारण यानि समापन किया जाता है। लोक आस्था का ये पर्व चार दिन तक चलता है।
छठ महापर्व इस साल 28 अक्टूबर को नहाय खाय से शुरू हुआ। दूसरे दिन 29 अक्टूबर खरना के दिन व्रती महिलाएं बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ आयरलैंड के अध्यक्ष डॉक्टर दीपक कुमार के आवास पर साथ में मिलकर गुड़ की खीर का प्रसाद बनाया एवं उसे रात में ग्रहण किया। उसके पश्चात इस खीर को प्रसाद के रूप में बांटा गया। इसके बाद से 36 घंटे का व्रत शुरू हुआ। तीसरे दिन 30 अक्टूबर को संध्या अर्घ्य और चौथे दिन 31 अक्टूबर को सुबह का अर्घ्य डबलिन के पार्क कम्युनिटी सेंटर में दिया गया।
पारण में व्रती महिलाएं और पुरुष पूजा अर्चना के बाद पूरे विधि-विधान के साथ अपना व्रत खोला।



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