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13 दिन बाद तिहाड़ जेल से बाहर आए राजपाल यादव; कड़कड़डूमा कोर्ट से जारी हुआ रिलीज़ वारंट
Public Lokpal
February 17, 2026
13 दिन बाद तिहाड़ जेल से बाहर आए राजपाल यादव; कड़कड़डूमा कोर्ट से जारी हुआ रिलीज़ वारंट
नई दिल्ली: राजपाल यादव चेक बाउंस केस में 13 दिन बाद 17 फरवरी, 2026 को तिहाड़ जेल से बाहर आए। कड़कड़डूमा कोर्ट ने रिलीज़ वारंट जारी किया था। राजपाल के वकील के मुताबिक, अभिनेता को चेक बाउंस केस में अंतरिम बेल मिल गई है। गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को उनकी सज़ा पर अंतरिम रोक 18 मार्च तक बढ़ा दी थी। जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की अगुवाई वाली बेंच ने ऑर्डर पास करते हुए राजपाल यादव से 1 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही रकम की एक ज़मानत देने को कहा।
कोर्ट ने इस शर्त पर सज़ा निलम्बित करने का ऑर्डर दिया कि राजपाल यादव 1 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही रकम की एक ज़मानत देंगे। यह तब हुआ जब प्राइवेट कंपनी M/S मुरली प्रोजेक्ट के वकील, एडवोकेट अवनीत सिंह सिक्का ने पुष्टि किया कि राजपाल यादव ने बाउंस हुए चेक की रकम के बदले कंपनी के बैंक अकाउंट में 1.5 करोड़ रुपये जमा किए थे।
इससे पहले दिन में राजपाल यादव के वकील, एडवोकेट भास्कर उपाध्याय ने कहा कि वे बिना किसी शर्त के, फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद (FDR) के ज़रिए 1.5 करोड़ रुपये जमा करने को तैयार थे। हालांकि, जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने रकम डिमांड ड्राफ्ट (DD) के ज़रिए जमा करने को कहा।
इस केस में पीड़ित पार्टी मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी है, जिससे इस केस के बचाव पक्ष एक्टर राजपाल यादव ने पैसे उधार लिए थे। यादव ने इस फर्म से कुल 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। इस लोन को चुकाने के लिए, उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को कई चेक भेजे थे। हालांकि, ये चेक बाउंस हो गए। यह केस अब 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अता पता लापता नाम की एक फिल्म डायरेक्ट की थी।
हाई कोर्ट ने 2024 में राजपाल की गिरफ्तारी पर सशर्त स्टे ऑर्डर दिया था। उनसे पैसे देने को कहा गया था। पिछले साल दिसंबर में एक्टर ने किश्तों में पैसे देने पर सहमति जताई थी, जो उन्होंने नहीं किया। इस वजह से दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें 2 फरवरी को तिहाड़ जेल में कस्टडी में लेने का आदेश दिया था। हालांकि, एक्टर ने 4 फरवरी को सरेंडर किया और आज तक तिहाड़ जेल में थे।



