सत्रावसान में देरी: 40 दिन बाद भी खुला मानसून सत्र, राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज

Public Lokpal
September 22, 2026
सत्रावसान में देरी: 40 दिन बाद भी खुला मानसून सत्र, राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज
संसद के मानसून सत्र के अनिश्चितकालीन स्थगन के 40 दिन बीत जाने के बाद भी इसका औपचारिक सत्रावसान नहीं हुआ है, जो संसदीय इतिहास में एक दुर्लभ घटना है।
आमतौर पर सत्र खत्म होने के कुछ ही दिनों के भीतर राष्ट्रपति की मुहर से इसकी औपचारिक समाप्ति हो जाती है।
इस असाधारण देरी के पीछे रणनीतिक कारण होने की चर्चा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार इस सत्र को तकनीकी रूप से जीवित रखकर बिना नए सिरे से सत्र बुलाए कभी भी महत्वपूर्ण विधायी कार्य या नए संशोधन पेश कर सकती है।
इसमें महिला आरक्षण कानून और परिसीमन से जुड़े अहम प्रस्तावों पर काम होने की संभावना जताई जा रही है।
संविधान के अनुच्छेद 85(2)(ए) के मुताबिक राष्ट्रपति कैबिनेट की सलाह पर सत्र समाप्त करते हैं। इस बार इस प्रक्रिया में हो रही देरी ने सरकार को आगामी राजनीतिक और विधायी रणनीतियों के लिए बड़ा लचीलापन दे दिया है।

