NCLT ने सुभाष चंद्रा के 6.25 करोड़ रुपये के सेटलमेंट पर लगाई रोक, संपत्ति बेचने पर प्रतिबंध

Public Lokpal
September 01, 2026

NCLT ने सुभाष चंद्रा के 6.25 करोड़ रुपये के सेटलमेंट पर लगाई रोक, संपत्ति बेचने पर प्रतिबंध


नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की पांच सदस्यीय नई बेंच ने जी ग्रुप के संस्थापक सुभाष चंद्रा की व्यक्तिगत दिवाला पुनर्भुगतान योजना (personal insolvency repayment plan) को मंजूरी देने वाले पिछले आदेश पर रोक लगा दी है।

पूर्व आदेश के तहत, चंद्रा को 22,006.57 करोड़ रुपये के कुल दावों के मुकाबले मात्र 6.25 करोड़ रुपये चुकाकर कर्ज से मुक्त होने की अनुमति दी गई थी।

HDFC बैंक, केनरा बैंक और LIC हाउसिंग फाइनेंस सहित कई असंतुष्ट ऋणदाताओं ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया था।

उनका आरोप था कि प्रमोटर से जुड़ी संबंधित पार्टियों (related parties) ने मतदान को प्रभावित कर इस समझौते के पक्ष में बहुमत जुटाया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रिब्यूनल ने सुभाष चंद्रा के अपनी किसी भी संपत्ति को बेचने, ट्रांसफर करने या गिरवी रखने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

साथ ही, सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर मामले की नए सिरे से सुनवाई शुरू कर दी गई है।