आईआईटी बॉम्बे मामला: न्याय के लिए पिता का आमरण अनशन

Public Lokpal
September 23, 2026
आईआईटी बॉम्बे मामला: न्याय के लिए पिता का आमरण अनशन
मुम्बई: आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु और न्याय की इस लड़ाई से जुड़े घटनाक्रम और विरोध प्रदर्शन का विवरण नीचे दिया गया है:
प्रमुख घटनाक्रम
माता-पिता का संघर्ष: साहिल के पिता, रवींद्र वाकोडे और उनकी माता ने संस्थान पर गंभीर मानसिक उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं। बेटे की मौत के बाद से ही परिवार लगातार दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और नामजद प्रोफेसरों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।
आमरण अनशन की घोषणा: न्याय मिलने में हो रही देरी से क्षुब्ध होकर परिवार और विभिन्न संगठनों ने आईआईटी बॉम्बे के मुख्य द्वार के बाहर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और तीव्र विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच Powai पुलिस स्टेशन से ट्रांसफर करके मुंबई क्राइम ब्रांच (DCB CID) को सौंप दी गई है। इसके साथ ही, परिसर के बाहर भारी पुलिस बल और सुरक्षा का कड़ा पहरा तैनात किया गया है।
उच्च स्तरीय जांच: संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा एक 10-सदस्यीय स्वतंत्र जांच समिति (Inquiry Committee) का गठन किया गया है, जो इस पूरी घटना की गहराई से जांच कर रही है।

