सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता का हंगामा, हवा में उड़ाए कागजात

Public Lokpal
July 10, 2026
सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता का हंगामा, हवा में उड़ाए कागजात
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम में उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई जब याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप ने कानूनी मर्यादा भूलकर सीधे जजों को ही हुक्म सुना दिया।
जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ के सामने खुद पेश होते हुए उसने आक्रामक लहजे में कहा, "मिस्टर ज्यूडिशियल सर्वेंट, मैं आपको आदेश देता हूँ कि आप एसीपी, लखनऊ के खिलाफ एफआईआर का आदेश दें।"
जजों के टोकने पर उसने एक कंपनी पर देशव्यापी साइबर अपराध सिंडिकेट चलाने का आरोप लगाया। इसके बाद उसने नाटकीय रूप से "मेरी तरफ से बस इतना ही" कहते हुए अपने केस के 155 पन्नों के दस्तावेज हवा में उछाल दिए।
अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसने चिल्लाकर कहा कि ये कागजात सीधे मुख्य न्यायाधीश (CJI) को सौंपे जाएं, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे बाहर निकाला।
पीठ ने उसकी भाषा को असंसदीय माना, लेकिन उसकी स्थिति को देखते हुए अवमानना की कार्रवाई नहीं की। हालांकि, ठोस कानूनी आधार न होने पर याचिका खारिज कर दी गई।

