E20 एथेनॉल पेट्रोल पर विवाद गहराया, सरकार ने जारी की सफाई; अब डीजल की बारी

Public Lokpal
July 05, 2026
E20 एथेनॉल पेट्रोल पर विवाद गहराया, सरकार ने जारी की सफाई; अब डीजल की बारी
नई दिल्ली: देश के सभी पेट्रोल पंपों पर 20% एथेनॉल मिक्स (E20) पेट्रोल अनिवार्य होने के बाद वाहन मालिकों और सरकार के बीच तनातनी बढ़ गई है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस नए ईंधन के कारण गाड़ियों का माइलेज 15 से 20 प्रतिशत तक गिर गया है और अप्रैल 2023 से पहले बनी पुरानी गाड़ियों के इंजन-रबर पार्ट्स खराब हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर वारंटी खत्म होने और इंजन में चींटियां लगने जैसी अफवाहें भी तेजी से वायरल हो रही हैं।
बढ़ते बवाल को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय और मारुति सुजुकी जैसी दिग्गज कंपनियों ने आधिकारिक सफाई जारी की है। सरकार ने साफ़ किया है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी भी गाड़ी की वारंटी या इंश्योरेंस क्लेम रद्द नहीं होगा। ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार, माइलेज में केवल 3 से 4% की मामूली कमी आती है और इंजन फेल होने का कोई खतरा नहीं है।
इसी बीच, सरकार ने कच्चे तेल का आयात खर्च घटाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, पेट्रोल के बाद अब डीजल में भी 15% आइसोब्यूटेनॉल (एथेनॉल का एक रूप) मिलाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार इस नीति पर अडिग है क्योंकि इससे देश के अरबों रुपये की विदेशी मुद्रा बच रही है।

