मुंबई में पानी की कटौती: BMC ने की आज से 10 प्रतिशत कटौती की घोषणा, एडवाइज़री जारी

Public Lokpal
May 15, 2026

मुंबई में पानी की कटौती: BMC ने की आज से 10 प्रतिशत कटौती की घोषणा, एडवाइज़री जारी


मुंबई: बढ़ते तापमान और बड़े जलाशयों में तेज़ी से घटते जल स्तर के बीच, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने शुक्रवार (15 मई) से पूरे शहर में 10 प्रतिशत पानी की कटौती लागू कर दी है। नगर निकाय ने कहा कि यह फ़ैसला एहतियाती उपाय के तौर पर लिया गया है, ताकि मॉनसून आने तक पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। BMC के अनुसार, मुंबई को पीने का पानी सप्लाई करने वाली सात झीलों में फ़िलहाल सिर्फ़ 23 से 28 प्रतिशत ही इस्तेमाल लायक पानी बचा है। मौसम विभाग की उस चेतावनी के बाद कि अल नीनो प्रभाव के कारण मॉनसून कमज़ोर रह सकता है, प्रशासन ने पानी बचाने के उपाय लागू करने के लिए पहले ही कदम उठा लिए हैं।

मुंबई से बाहर भी असर

पानी की इस कटौती का असर न सिर्फ़ मुंबई पर, बल्कि आस-पास के इलाकों पर भी पड़ने की उम्मीद है। ठाणे और भिवंडी-निज़ामपुर नगर निगम के तहत आने वाले इलाकों और कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की उपलब्धता कम हो सकती है क्योंकि ये पानी की सप्लाई के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम पर निर्भर हैं।

बृहन्मुंबई नगर निगम ने हाउसिंग सोसायटियों और निवासियों से पानी बर्बाद न करने की अपील की है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे गाड़ियों की धुलाई कम करें, बगीचों में ज़रूरत से ज़्यादा पानी न दें, स्विमिंग पूल का इस्तेमाल सीमित करें, घर में पानी के रिसाव को बिना किसी देरी के ठीक करवाएं और सिर्फ़ ज़रूरत भर का ही पानी जमा करें।

मॉनसून आने तक पाबंदियां जारी रहने की संभावना

नगर निकाय ने कहा कि 10 प्रतिशत पानी की कटौती तब तक लागू रहेगी, जब तक शहर में पर्याप्त बारिश नहीं हो जाती। अगर मॉनसून में देरी होती है या बारिश सामान्य से कम होती है, तो और भी सख़्त उपाय लागू किए जा सकते हैं।

हालांकि मुंबई में गर्मियों के महीनों में पानी की कमी आम बात है, लेकिन इस साल जलाशयों का जल स्तर कम होने और कमज़ोर मॉनसून की आशंकाओं ने अधिकारियों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

महाराष्ट्र में भीषण गर्मी की मुश्किलें

एक अधिकारी के अनुसार, भीषण गर्मी के बीच मराठवाड़ा के छह ज़िलों में पानी की सप्लाई के लिए टैंकरों पर निर्भर गांवों की संख्या सिर्फ़ 10 दिनों में ही 100 के पार पहुंच गई है।

डिविज़नल कमिश्नरेट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फ़िलहाल छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, हिंगोली, नांदेड़ और लातूर ज़िलों के 119 गांवों और 55 बस्तियों में 194 टैंकरों के ज़रिए पानी की सप्लाई की जा रही है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बीड और धाराशिव में जहां टैंकर नहीं लगाए गए हैं, वहां प्रशासन ने पानी की सप्लाई के लिए स्थानीय कुओं को अपने अधिकार में ले लिया है।