BIG NEWS
- राहुल गांधी का युवाओं से महिला सुरक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन का आह्वान, बोले दबाव में ही सुनती है सरकार
- मुख्य चुनाव आयुक्त के 'एकतरफा' फैसलों के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते करेगा सुनवाई
- रेड बुल ने 'एनर्जी ड्रिंक' लेबल पर खाद्य सुरक्षा नियामक के प्रतिबंध को दी चुनौती
- टाटा संस को निजी बनाए रखने के लिए टाटा ट्रस्ट्स का पुनर्गठन का प्रस्ताव
- विथ्या रामराज ने तोड़ा पी.टी. उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड
- लुधियाना से यूएई तक: अंगद सिंह ढिल्लों बने कनाडा के नए राजदूत
- फंडिंग में भारी गिरावट: आप के चंदे में 68% कमी, बीजद ने घोषित किया शून्य चंदा
- TRAI के नए नियम: Jio, Airtel और Vi यूजर्स के लिए बिना डेटा वाले प्लान अनिवार्य
- विश्व समाचार दिवस: भ्रामक खबरों के दौर में तथ्य-परक पत्रकारिता और लोकतंत्र की रक्षा
- दिल्ली सरकार की सख्त सर्दियों की प्रदूषण विरोधी योजना: निर्माण प्रतिबंध और 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नियम लागू
फंडिंग में भारी गिरावट: आप के चंदे में 68% कमी, बीजद ने घोषित किया शून्य चंदा
Public Lokpal
September 29, 2026
फंडिंग में भारी गिरावट: आप के चंदे में 68% कमी, बीजद ने घोषित किया शून्य चंदा
भारत निर्वाचन आयोग को वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए सौंपे गए चंदे के ताजा आंकड़ों से क्षेत्रीय दलों की आर्थिक स्थिति में बड़े बदलाव सामने आए हैं। सत्ता से बाहर होने के बाद इन दलों की वित्तीय स्थिति पर गहरा असर पड़ा है।
आम आदमी पार्टी (आप) ने इस वित्तीय वर्ष में कुल 12.10 करोड़ रुपये का चंदा घोषित किया है, जो पिछले वर्ष के 38.10 करोड़ रुपये से 68% की भारी गिरावट को दर्शाता है।
दिल्ली की सत्ता गंवाने के बाद आए इस आंकड़े में आप के कुल चंदे का लगभग 83% हिस्सा केवल दो संस्थाओं—प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट और ट्राइडेंट लिमिटेड—से आया है, जिन्होंने पांच-पांच करोड़ रुपये का योगदान दिया।
दूसरी ओर, नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (बीजद) ने 2025–26 के लिए शून्य चंदा घोषित किया है, जो पिछले साल के 60 करोड़ रुपये से 100% की गिरावट है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से कॉरपोरेट फंडिंग के बदलते रुख के कारण है। बड़े दानदाता और कॉरपोरेट घराने अक्सर इस आधार पर अपना समर्थन बदलते हैं कि कौन सा दल सत्ता में है।









