BIG NEWS
- फ्रांस में भारी विरोध प्रदर्शन: 4 लाख से अधिक लोग सड़कों पर, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
- 1 नवंबर से बड़े बदलाव: जेब पर सीधा असर डालने वाले 3 मुख्य नियम
- रियाद हवाई अड्डा: हमलों के बाद दो टर्मिनल से परिचालन फिर शुरू
- नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या पर गरमाई सियासत, अकाली दल ने मांगा सीएम का इस्तीफा
- सोनिया गांधी ने एक्स पर किया डेब्यू, अपनी आगामी आत्मकथा का वीडियो किया साझा
- सीएम उमर अब्दुल्ला ने की पुष्टि, जम्मू-कश्मीर अगले सप्ताह होगा मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल
- बिहार में आतिशबाजी फैक्ट्री में भीषण धमाका, कई लोगों के हताहत होने की आशंका
- दिल्ली हाईकोर्ट से आईसा अध्यक्ष नेहा बोरा को झटका, ₹10,000 के शांति बांड नोटिस को रद्द करने से इनकार
- उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने पोलिश प्रतिनिधिमंडल के साथ व्यापारिक संभावनाओं पर की चर्चा
- पीलीभीत में 10,470 फर्जी मतदाता प्रविष्टियां उजागर; तीन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
न्यूरो साइंस में क्रांति: 2026 का चिकित्सा नोबेल
Public Lokpal
October 05, 2026
न्यूरो साइंस में क्रांति: 2026 का चिकित्सा नोबेल
चिकित्सा के क्षेत्र में वर्ष 2026 का नोबेल पुरस्कार कार्ल डीसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्जी नागेल को मिला है। यह सम्मान उन्हें 'चैनलरहोडोप्सिन' और ऑप्टोजेनेटिक्स की खोज के लिए प्रदान किया गया है।
यह क्रांतिकारी तकनीक प्रकाश और आनुवंशिकी का संयोजन है, जिससे वैज्ञानिक प्रकाश किरणों के जरिए मस्तिष्क की कोशिकाओं को नियंत्रित करते हैं।
पीटर हेगेमैन और जॉर्जी नागेल ने शैवाल में प्रकाश-संवेदनशील आयन चैनलों की खोज की, और कार्ल डीसेरोथ ने इसे स्तनधारियों के तंत्रिका तंत्र में लागू किया।
इस तकनीक ने न्यूरोसाइंस की दुनिया बदल दी है। अब शोधकर्ता समझ पा रहे हैं कि न्यूरॉन्स व्यवहार और यादों को कैसे नियंत्रित करते हैं।
इसके अलावा, यह खोज दृष्टि दोष दूर करने, पार्किंसंस जैसी बीमारियों और गंभीर मानसिक व तंत्रिका विकारों के इलाज के नए रास्ते खोल रही है।





