post
post
post
post
post
post
post
post
post
post

वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स: पत्रकारों के लिए

Public Lokpal
April 20, 2021

वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स: पत्रकारों के लिए


नई दिल्ली: रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) द्वारा प्रकाशित वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2021 में भारत अपनी पूर्व की स्थिति पर बरक़रार है लेकिन अभी पत्रकारों के लिए "दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक" बना हुआ है।

मंगलवार को जारी नवीनतम सूचकांक में 180 देशों में नॉर्वे शीर्ष पर है जबकि फिनलैंड और डेनमार्क दूसरे व तीसरे स्थान पर है। इरिट्रिया सबसे नीचे है। चीन 177 वें स्थान पर है, तुर्कमेनिस्तान में 178 वें स्थान और उत्तर कोरिया 179 पर है।

भारत पिछले साल की तरह ही 142 वें स्थान पर है, 2016 में 133 के बाद से यह लगातार नीचे खिसका था। सार्क देशों में नेपाल 106 पर, श्रीलंका 127 पर, म्यांमार (तख्तापलट से पहले) 140 पर, पाकिस्तान 145 वें स्थान पर और बांग्लादेश 152 पर है।

मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ब्राजील, मैक्सिको और रूस के साथ "खराब" वर्गीकरण साझा करता है।

भारत को, नवीनतम रिपोर्ट में किसी भी महत्वपूर्ण पत्रकार के लिए भाजपा समर्थकों द्वारा बनाए गए डराने-धमकाने के माहौल को जिम्मेदार ठहराया गया है।

इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी "मीडिया पर अपनी पकड़ मजबूत रखते हैं"। रिपोर्ट में लिखा गया है कि "2020 में अपने काम के सिलसिले में मारे गए चार पत्रकारों, जो अपना काम ठीक से करने की कोशिश कर रहे थे, के साथ, भारत पत्रकारों के लिए दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक है"।

Also Read | जेंडर गैप इंडेक्स: 28 पायदान फिसला भारत, 156 देशों में मिली 140 वीं रैंक

Top Stories

post
post
post
post
post
post
post
post
post
post

Pandit Harishankar Foundation

Videos you like

Watch More