post
post
post
post
post
post
post
post
post
post

कोविद की दूसरी लहर से ठीक पहले, मेडिकल उपकरणों और साधनों की भारी कमी से जूझ रहा था देश

Public Lokpal
May 03, 2021

कोविद की दूसरी लहर से ठीक पहले, मेडिकल उपकरणों और साधनों की भारी कमी से जूझ रहा था देश


नई दिल्ली : वर्तमान में कोरोना विरुअ की दूसरी लहर में भारत में सम्पूर्ण स्वास्थ्य का ढांचा बड़ी तबाही से गुजर रहा है। पिछले एक महीने में दैनिक मामलों और मौतों की संख्या में विस्फोट हुआ है, और हर दिन अब एक नया रिकॉर्ड बन रहा है।

शनिवार को, भारत में 4,01,993 नए कोविद -19 के मामले आए जो किसी भी देश में एक दिन में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है, जबकि 3,523 लोग इस महामारी के चलते मर गए।

लेकिन ये सिर्फ आधिकारिक आंकड़े हैं। कई शहरों से ग्राउंड रिपोर्ट, जलती हुई चिताओं की कतारें, श्मशानघाट और उनके बाहर निकलने वाली भीड़, यह इशारा कर रही है कि आधिकारिक मृत्यु गणना अब एक बाजीगरी है जिसे कहीं न कहीं दबाया या छिपाया जा रहा है।

देश कि स्वास्थ्य संरचना दूसरी लहर के बोझ तले दबी हुई है और अब अपनी सीमाओं से परे है। ऑक्सीजन-समर्थित बेड, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर और मेडिकल ऑक्सीजन की कमी ने कई शहरों के अस्पतालों को लाचार कर दिया है। वे मरीजों को बचा पाने के लिए तमाम अभावों से लड़ रहे हैं और कई बार नाकाम हो रहे हैं।

यह तब है जबकि कुल कोविद -19 मामलों के एक छोटे हिस्से को ही अस्पताल में भर्ती होने और ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, और अधिकांश रोगी घर पर ही ठीक हो जाते हैं।

इंडिया टुडे द्वारा सरकारी आंकड़ों के एक विश्लेषण से पता चलता है कि ऑक्सीजन-समर्थित बिस्तरों, ICU बिस्तरों और वेंटिलेटरों की संख्या में पिछले साल सितंबर (जब भारत ने पहली कोविद -19 लहर का चरम देखा था) और इस साल जनवरी (दूसरी लहर शुरू होने से ठीक पहले, फरवरी के मध्य में) के बीच भारी कमी देखी गई।

संसद के दस्तावेजों और आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति से एकत्र आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण से पता चलता है:

पिछले साल 22 सितंबर को भारत में 2,47,972 ऑक्सीजन-समर्थित बेड थे। इस साल 28 जनवरी तक यह संख्या घटकर 1,57,344 रह गई - यानी 36.54 प्रतिशत की कमी।

इसी अवधि में, कोविद -19 रोगियों के लिए आईसीयू बेड की संख्या में 46 प्रतिशत की कमी देखी गई, जो 22 सितंबर को 66,638 से घटकर 28 जनवरी को मात्र 36,008 हो गई।

अगर हम ऑक्सीजन-समर्थित बिस्तरों और ICU बिस्तरों की संख्या को मिला दें, तो इन चार महीनों में 38 प्रतिशत की गिरावट आई।

इसके अलावा, 22 सितंबर को भारत में 33,024 वेंटिलेटर थे। 28 जनवरी तक यह संख्या 23,618 तक गिर गई - यानी 28 फीसदी की गिरावट।

Also Read | वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स: पत्रकारों के लिए